पीडीडीयू नगर। लॉकडाउन के दौरान औद्योगिक शहरों में फंसे श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन जारी है। सोमवार को भी पं. दीनदयला उपाध्याय जंक्शन से विभिन्न राज्यों में फंसे हजारों मजदूरों को लेकर 26 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजरी। ट्रेनों के ठहराव के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
कोविड 19 महामारी की वजह से देश में लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू हो गया है। इस बीच दिल्ली, बंगलोर, अहमदाबाद, हरियाणा, महाराष्ट,, तमिलनाडू के चेन्नई सेंट्रल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में फंसे श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेनों से श्रमिकों को घर पहुंचाया जा रहा है। सोमवार को भी विभिन्न राज्यों से श्रमिकों को लेकर बिहार के दानापुर, पूर्णिया, कटिहार, बापूधाम, बरौनी, किशनगंज, गया, सहरसा, अरसिया, आरा, बक्सर सहित विभिन्न जिलों के लिए 20 ट्रेेने गुजरी। ट्रेनों के पहुंचने पर स्थानीय स्टेशन पर किसी यात्री को उतरने नहीं दिया गया। ट्रेनों के पहुंच कर रुकते ही आरपीएफ, जीआरपी ने सुरक्षा घेरा बना लिया। ट्रेनों में सिर्फ पानी भरा गया और साफ सफाई की गई। चालक और गार्ड बदले गए। स्टेशन पर ट्रेनों के इंजन के चालक रूम, गार्ड बोगी आदि को सैनिटाइज किया गया। दिन भर श्रमक स्पेशल ट्रेनों के आवागमन का सिलसिला जारी रहा।
पीडीडीयू नगर। श्रमिकों को घर तक पहुंचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में आईआरसीटीसी भोजन और पानी उपलब्ध करा रहा है। हालांकि इसमें तमाम शिकायतें आ रही हैं। चार दिन पहले स्थानीय स्टेशन पर बासी भोजन परोसने पर श्रमिकों ने खाना फेंक दिया था। इसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और सोमवार से अपने स्तर से खाना बांटने की शुरूआत की।
सोमवार को डीआरएम पंकज सक्सेना के निदेश पर कार्मिक विभाग की ओर से श्रमिकों को खाना परोसने की शुरूआत हुई। वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी अजीत कुमार खाना बांटने के लिए स्टेशन पर पहुंचे और स्टेशन पर आने वाले श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों का खाना के पैकेट थमाते। कार्मिक विभाग के कर्मियों के साथ स्काउट और गाइड के सदस्यों ने भी खाना बांटने में सहयोग किया। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक दस हजार से अधिक श्रमिकों को भोजन उपलब्ध कराया गया। सीनियर डीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि फूड्स पैकेट का वितरण लगातार जारी रहेगा।