9 अक्टूबर 2025 को दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि 31 लोगों का एक संगठित गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर गो-तस्करी में सक्रिय है। जांच में इस गिरोह के बीच लगभग 187 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी मिली, जिसके बाद मुकदमे में संगठित अपराध से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गईं।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने बैंक खाते के माध्यम से विभिन्न लोगों को धनराशि स्थानांतरित करता था, जिसका इस्तेमाल गो-तस्करी से जुड़े कार्यों में किया जाता था। पुलिस अब इस वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और धन के स्रोत की जांच में जुटी है।
बैंक खातों से मिले संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य
विवेचना के दौरान आरोपी अखिलेश कुमार का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार उसके बैंक खाते से 4.77 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ, जिसके संबंध में कोई वैध व्यवसायिक अभिलेख या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के नाम से कोई कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित नहीं है। एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि आरोपी ने मोहम्मद अफजल, शेख सुल्तान, सोनू कुरैशी, पवन कुमार, अफजल समेत अन्य लोगों के खातों में करीब 2.5 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए, जिनका संबंध गो-तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क से पाया गया।