चंदौली। गुरुकुल चैरिटेबल सोसाइटी के गुरुकुल स्कूल का वार्षिकोत्व सोमवार को धूमधाम के साथ मनाया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि चीफ इंजीनियर प्लान डिपो ककरमत्ता वाराणसी विजय मिश्र बुद्धिहीन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जहां स्कूली बच्चों ने नृत्य, गीत-संगीत एवं नाटक की सुंदर प्रस्तुति की।
इय दौरान विजय मिश्र कहा कि गुरुकुल शब्द गुरु और शिष्य के बीच एक अद्भुत व अद्वितीय धर्म को प्रकट करता है। शिक्षक एक कुंहार की भांति है, जो समाज को एक बेहतर राजनेता, इंजीनियर, डाक्टर, लेखक आदि देता है। शिक्षक ही कोरे कागज के समान बच्चों में शिक्षा व संस्कार रूपी रंग भरकर उन्हें एक बेहतर इंसान बनाता है। विनय कुमार वर्मा ने कहा वाणी ही एक ऐसा जादू है, जो एक अजनबी को प्रेम के सूत्र में बांधती है, वहीं कटु वाणी भाई-भाई में बैर करा देती है। अपनी भाषा, भाव को विनम्र बनाए रखना चाहिए। ललित निबंधकार डा.उमेश प्रसाद सिंह ने कहा विद्यालय का मकसद बच्चों से फीस वसूलकर उन्हें अच्छे अंक से पास होने के कुछ नुस्खे बताना नहीं है। इस दौरान पूर्व भूमि संरक्षण अधिकारी रामकेश सिंह, सपा प्रवक्ता मनोज सिंह काका, इम्तियाज खान, आराधना श्रीवास्तव, प्रियंका कुमारी, पूनम यादव, कहकशा,समीक्षा मिश्रा, रूची कन्नौजिया, मधु श्रीवास्तव, तरन्नुम, बेलाल अंसारी, आरिफ अंसारी, रौशन अग्रहरि, गोविंदा पांडेय रहे। अध्यक्षता प्रबंधक इसरार अहमद व संचालन कृष्णकांत मौर्या ने किया। ।