सकलडीहा। विकास की प्राथमिकता वाले जिलों में चयनीत चंदौली जिले में खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं नहीं है। जिले में खेल मैदान का अभाव है वहीं एथलेटिक्स महिला और पुरुष कोच का अभाव है। ऐसे में खिलाड़ी कैसे अभ्यास करें। इसको लेकर खिलाड़ियों में नाराजगी है।
विभागीय अधिकारियों की उपेक्षा देश और प्रदेश में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर खेलकूद परचम लहराने वाले खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सम्मानित कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य है कि जनपद बने कई साल हो गया। लेकिन जनपद के 150 से 200 खिलाड़ियों को एथलेटिक्स कोच नहीं मिल पा रहे हैं। बाधा दौड़ के लिये हैंडल और साफ सुथरी ग्राउंड भी नहीं है, जबकि महेन्द्र पालीटेक्निल खेल ग्राउंड पर खेलकूद व प्रशिक्षण के लिये डीएम द्वारा अनुमोदित है। जनपद में राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और ओलंपियाड व एशियन गेम में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों की भरमार है। इसमें मसोई गांव निवासी रणविजय सिंह गोला प्रक्षेप, सुमन यादव भाला प्रक्षेप, धनंजय राय व सौरभ जैसे खिलाड़ी एथलेटिक्स के इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं। संजय राय लंबी कूद में ओलंपिक खेल चुके हैं। यही नहीं धरहरा गांव का निवासी अभय सिंह ड्रेगन खेल में एशियन गेम में प्रतिभाग कर चुके हैं। इस संबंध में जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन यादव ने बताया कि एथलेटिक्स कोच नहीं है। फुटबाल और बालीबाल का प्रशिक्षण नियमित होता है।