चंदौली। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के रुप में चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना का माडल प्रभारी चिकित्साधिकारी व खंड विकास अधिकारी के बीच के आपसी खींच तान का शिकार हो गया। इस कार्य पर परियोजना निदेशक के हस्तक्षेप के बाद एक बार फिर से प्रभारी चिकित्साधिकारी ने कार्य को रोक दिया है। जिसकी जानकारी होने के बाद जिलाधिकारी ने माडल आवास के कार्य को रोक कर इसकी जांच सदर एसडीएम को सौंप दिया है। अब जमीन ब्लाक की है या फिर चिकित्सालय का यह तय होने के बाद ही माडल आवास बनेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को एक लाख 20 हजार रुपये दिया जाता है। जिसके तहत एक एक कमरा, किचेन व एक हाल के साथ-साथ शौचालय बनाया जाना है। इस योजना के विषय में लोग अधिक से अधिक जान पाएं और आवास के मानक को पूर्ण कर सके। इसके लिए शासन ने एक-एक माडल आवास ब्लाक पर बनाकर इसका प्रचार प्रसार कराने के लिए कहा है। जिसके क्रम में सदर विकास खंड में माडल आवास का निर्माण कराया जा रहा था। माडल आवास 25 वर्ग फीट में बनाया जाना है। इसके लिए नींव खोदी जा रही थी कि इसकी जानकारी होने के बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. हरिश्चंद्रा ने कार्य को रुकवा दिए। इस दौरान दोनों पक्ष से विवाद होने लगा। जिसके बाद पुलिस भी आ गई। ममला बढ़ता देख सीडीओ ने कार्य को रोकने के लिए कहा। कार्य रुकने के बाद सीडीओ ने पीडी को मौके पर जाकर जांच करने के लिए कहा था। जांच में जमीन ब्लाक की पाई गई। इसके बाद निर्माण शुरू हुआ। लेकिन पुन: कार्य को रोक दिया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने कार्य को दो दिनों के लिए बंद कर इसकी जांच एसडीएम सदर को दे दिया। अब रिपोर्ट आने के बाद ही माडल आवास बनने का कार्य प्रारंभ हो पाएगा।