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प्रमुख के खिलाफ बीडीसी सदस्यों ने जताया अविश्वास

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चंदौली। शहाबगंज प्रमुख पद पर पासा पलटने की जोर आजमाइश एक बार फिर शुरू हो गई है। ब्लॉक की पूर्व प्रमुख सरोज सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने शुक्रवार को प्रमुख शशि उपाध्याय के खिलाफ कलेक्ट्रेट में परेड की। इस दौरान उन्होंने डीएम नवनीत सिंह चहल को 45 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र सौंपा। साथ ही प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए और अविश्वास की तिथि निर्धारित करने की मांग की। डीएम ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी शपथ पत्रों की जांच के लिए तीन सदस्यी टीम को सौंप दिया। साथ ही इसकी वीडियोग्राफी भी कराने के निर्देष दिए। जांच अधिकारियों के समक्ष कुल 43 बीडीसी सदस्य उपस्थित रहे और दो अनुपस्थित रहे।
जनपद के शहाबगंज विकास खंड में 75 क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हैं। शुक्रवार को 43 बीडीसी सदस्यों ने प्रमुख शशि उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास का बिगुल फूंक दिया। कलेक्ट्रेट सभागार में मौजूद क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने प्रमुख शशि उपाध्याय पर एक के बाद एक कई आरोप लगाए। कहा कि प्रमुख द्वारा विकास कार्यों के प्रति लगातार उदासीनता बरती जा रही है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों को सिरे से नकार दिया जाता है। उनके रवैए से क्षेत्र के विकास कार्य ठप है। प्रमुख के द्वारा बीडीसी सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। ऐसे में क्षेत्र पंचायत सदस्यों को विवश होकर उन्हें पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने पर मजबूर हुए हैं। इस दौरान डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र, डीडीओ पदमकांत शुक्ल, सहायक निवार्चन अधिकारी पंचस्थानीय कैलाश यादव और बीडीओ धर्मजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों के शपथ पत्रों की जांच की। डीएम नवनीत सिंह चहल ने कहा कि सभी शपथ पत्रों की जांच कराई गई है। जिसमें 45 शपथ पत्रों में 43 सदस्य उपस्थित रहे।
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इनसेट
एक बार फिर शह और मात का खेल
चंदौली। शहाबगंज ब्लॉक में प्रमुख पद की कुर्सी पर एक बार फिर शह और मात का खेल शुरू हो गया है। यहां पूर्व प्रमुख सरोज सिंह ने वर्तमान प्रमुख शशि उपाध्याय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को 75 में 43 सदस्यों को अपने पक्ष में दिखाया। इस सबके पीछे सत्ताधारी दल से जुड़े एक विधायक का हाथ माना जा रहा है।
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फरवरी 2016 में सरोज सिंह, शशि उपाध्याय को पटखनी देकर शहाबगंज प्रमुख की कुर्सी पर काबिज हुई थी। लेकिन, इस पद पर ज्यादा दिन तक नहीं रह सकीं। चुनाव में हार का सामना करने वाली शशि उपाध्याय ने 2 जून 2016 को प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तत्कालीन डीएम हेमंत कुमार के सामने पेश किया। 28 जून को बहस और चर्चा के लिए सभी को बुलाया गया। लेकिन अपने को कमजोर देख सरोज सिंह ने इस्तीफा दे दिया। दोबारा 12 अगस्त को कराए गए उप चुनाव में शशि उपाध्याय प्रमुख निर्वाचित हुई। लेकिन शुक्रवार को उनके खिलाफ भी 43 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अविश्वास जताते हुए डीएम को हलफनामा सौंप दिया।
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