मुगलसराय। निकाय चुनाव में नामांकन के बाद जोर आजमाइश तेज हो गई है। दूसरी तरफ नगर की समस्याओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। नगर में साफ सफाई, टूटी फूटी सड़कों के बाद सबसे बड़ी समस्या स्थायी सब्जी मंडी की व्यवस्था करना है। स्थायी सब्जी मंडी की मांग को लेकर पिछले पांच वर्षों से व्यवसायी प्रत्येक माह के पहली तारीख को दुकान बंद रखते आ रहे हैं। पिछले निकाय चुनाव में भी स्थायी सब्जी मंडी का आश्वासन दिया गया लेकिन मंडी का निर्माण नहीं हुआ।
नगर में ढाई हजार से अधिक सब्जी विक्रेता हैं। लाल बहादुर शास्त्री कटरा, नई सट्टी, चकिया तिराहा, लोको कालोनी हनुमान मंदिर के समीप सब्जी की दूकानें लगती हैं। जीटी रोड के किनारे पटरियों पर दूकान लगाए जाने से आवागमन में परेशानी होती है। यही नहीं आए दिन जाम लगने पर पुलिस कर्मी सब्जी विक्रेताओं पर ही कसर निकालते हैं। यही नहीं अस्थाई सब्जी मंडी में कोई व्यवस्था नहीं है। फल सब्जी व्यवसायी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी रामतिलक सोनकर कहते हैं कि पिछले चालीस वर्षों से सब्जी व्यवसायी स्थायी मंडी के निर्माण को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। प्रत्येक चुनाव में इसकी मांग उठाई जाती है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सब्जी मंडी निर्माण का आश्वासन दिया लेकिन मुगलसराय में सब्जी मंडी नहीं बनी। सब्जी व्यवसायी हरपाल सिंह उर्फ गिल्लू सरदार कहते है कि पिछले निकाय चुनाव में भी यह मुद्दा उठाया गया था। इस बार भी सभी प्रत्याशियों से गुहार लगाएंगे। राजकुमार सोनकर और अशोक सोनकर ने कहा कि सब्जी मंडी बनने से काफी सुविधा होगी।