कंदवा। क्षेत्र के अरंगी गांव में चल रही 15 दिवसीय रामलीला में रविवार की रात राम विवाह की लीला हुई। इस दौरान राम- जानकी का पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित लीला प्रेमी इसके साक्षी बने। इधर जनक की खुशियों का कोई ठिकाना न था तो वहीं दूत पहुंचते ही अयोध्या में भी उल्लास छा गया। राम द्वारा धनुष तोड़े जाने और सीता के साथ विवाह की सूचना से पूरे अयोध्या में हर्ष और उल्लास का माहौल हो गया।
अयोध्या से सजी बारात जनकपुरी पहुंचती है। राजा जनक की खुशियों का ठिकाना नही था। अवधपुरी से आई बारात के स्वागत के लिए मिथिला को भव्य तरीके से सजाया गया था। महाराज जनक खुद सोने के कलश में जल भरकर विभिन्न पकवानों की थाली के साथ बारात का स्वागत करते हैं। दूसरी ओर से श्रीराम और लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ आते हैं। इसके बाद विवाह शुरू होता है । ब्रह्माजी नारदजी के हाथों लग्न पत्रिका जनक जी तक भेजवाते हैं। जैसे ही राम-जानकी का विवाह शुरू होता है वैसे ही मंगल गीत के साथ पुष्प वर्षा होने लगती है। चारो तरफ हर हर महादेव का जयकारा लगने लगता है ।इसके बाद मंगलाचरण के साथ विवाह की सारी रस्में पूरी होती हैं। भगवान श्रीराम के साथ ही कुल गुरु वशिष्ठ लक्ष्मण ,भरत और शत्रुघ्न का विवाह भी कराते हैं । विवाह के उपरांत सखियां राम की विधिवत आरती उतारती हैं। इसी के साथ लीला का समापन होता है ।लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। टांडाकला संवाददाता के अनुसार इसी तरह मारुफपुर रामशाला में चल रही रामलीला में राम सीता विवाह का मंचन किया गया। इस मौके पर व्यास जयशंकर मिश्र, सुबेदार मिश्र, नीरज मिश्र, अश्वनी पांडेय, जटायु मिश्र, चंद्रप्रकाश मिश्र,रविप्रकाश शर्मा, मनोज पांडेय, उमाशंकर गोंड, सोहित पांडेय, दीनानाथ पांडेय आदि रहे।