नियामताबाद। मुगलसराय तहसील में अधिवक्ताओं ने बुधवार को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर कार्यालय व न्यायालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इससे पूर्व अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी कर जुलूस भी निकाला। साथ ही अधिवक्ता-लेखपाल विवाद में आरोपित लेखपालों की गिरफ्तारी व तहसीलदार का स्थानांतरण न किए जाने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मुरलीधर राव ने कहा कि तहसील के अधिवक्ताओं ने सिर्फ न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया है। इसके बावजूद तहसीलदार खुद हड़ताल पर होने का हवाला देते हुए प्रार्थना पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। इससे तहसील में आने वाले वादकारियों को काफी परेशानी हो रही है। कहा कि जबसे तहसीलदार ने कार्यभार ग्रहण किया है तब से तहसील कर्मी व लेखपाल बेलगाम हो गए हैं। आए दिन वे अधिवक्ताओं व वादकारियों से सुविधा शुल्क की मांग करते रहते हैं। न देने पर अनावश्यक कार्य में देरी कर लोगों को परेशान करते हैं। अधिवक्ता बलवंत पटेल ने कहा कि खतौनी में जानबूझकर त्रुटि की जाती है। उसके बाद उसे दुरुस्त कराने के नाम पर भी सुविधा शुल्क लिया जाता है। तहसील के तीन लेखपालों पर एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके बावजूद पुलिस आरोपित लेखपालों की गिरफ्तारी नहीं कर रहा है। चेतावनी दी कि जब तक तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं हो जाता, अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में मुगलसराय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवीदयाल गुप्ता, महामंत्री जयप्रकाश यादव, फिरोज अहमद, उज्ज्वल श्रीवास्तव, सुधीर सिंह, अरविंद यादव, वीरेंद्र यादव, सुजीत सिंह, भोला पाल, शिवाजी, वसीम अहमद, राजू प्रजापति, भरत, विजय भारती, रामपति, शैलेंद्र, धर्मेंद्र, इमरान, बृजेश शामिल रहे।