क्षेत्र के नेवाजगंज गांव के पथरौलिया बस्ती में भदहवा पहाड़ के पास रविवार
की दोपहर करीब 11 बजे अज्ञात कारणों से लगी आग से 5 रिहायशी मड़इयां राख
हो गईं, जबकि 17 मवेशियों ने आग से झुलस कर दम तोड़ दिया।
घटना के
तीन घंटे बाद दमकल के मौके पर पहुंचने से नाराज लोगों ने चकिया-अहरौरा
मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर पहुंचे उपजिलाधिकारी रमाशंकर
द्विवेदी ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर एक घंटे बाद जाम समाप्त कराया। आग
बुझाने में घुरफेकन, हरिहर और अशोक झुलस गए हैं।
रविवार को दोपहर
पथरौलिया बस्ती में घुरफेकन की रिहायशी मड़ई में अचानक आग लग गई। हवा के
कारण आसपास की झोपड़ियों को भी आग ने आगोश में ले लिया।
जिससे घुरफेकन की
दो मड़इयां सहित उसके दामाद अशोक की एक झोपड़ी भी जलकर नष्ट हो गई। उसकी
झोपड़ी में रखा राशन, सगड़ी, साइकल के साथ 20 हजार रुपये नकद और आभूषण भी
जलकर नष्ट हो गया। इसी तरह घुरफेकन की छह बकरियां, तीन गाय और दो बैल
झुलसकर मर गये।
आग बुझाने में घुरफेकन बेहोश हो गया। वहीं रामकृत की एक
झोपड़ी में तीन बकरियां तथा गृहस्थी का सारा सामान तथा आठ हजार नकदी भी जल
गया। इसके अलावा हरिहर की झोपड़ी में बंधी तीन बकरियां, 35 हजार का जेवर
तथा 15 हजार रुपये जलकर नष्ट हो गया।
सूचना के बाद भी दमकल विभाग समय से
नहीं पहुंचा, जिससे नाराज लोगों ने चकिया-अहरौरा मार्ग को जाम कर दिया।
सूचना पर पुलिस के साथ पहुंचे उपजिलाधिकारी रमाशंकर द्विवेदी ने ग्रामीणों
को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इस दौरान ग्राम प्रधान मराहू प्रसाद,
छोटे पांडे, जनार्दन सिंह, अदालती, प्यारे लाल, इकबाल, अशोक, राजेश,
बोदलपुर के पूर्व प्रधान रामलाल यादव आदि मौजूद रहे।