चंदौली। मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में लगे अफसरों व कर्मियों के तबादलों पर आयोग ने रोक लगा दी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी बच्चा लाल ने आयोग से प्राप्त शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि मतदाता संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में लगे जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर बूथ स्तर तक के अधिकारियों के तबादले बगैर आयोग के आदेश नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे अफसरों के स्थानांतरण पर रोक लगा दिया है। आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 31 अक्तूबर से बढ़ाकर से 30 नवंबर कर दी गई है। निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन चार जनवरी की बजाय अब 15 जनवरी को होगा। इसे देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने गत 29 अक्तूबर को जारी शासनादेश के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, उपजिलाधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीओ, चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारियों तथा बूथ लेवल अधिकारियों के स्थानांतरण पर रोक प्रभावी रहेगा। शासन या प्रशासन को किसी भी अधिकारी व कर्मचारी के स्थानांतरण के लिए आयोग से अनुमति लेनी होगी।