चंदौली। किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता को लेकर जिला कृषि विभाग अपनी तैयारियों में जुट गया है। जनपद के सहकारी समितियों पर डीएपी और यूरिया की उपलब्धता भले ही लक्ष्य के सापेक्ष कम हो, लेकिन निजी क्षेत्रों में इसकी उपलब्धता ठीक है। मई माह तक के आंकड़े पर गौर करें तो सरकारी उर्वरक केंद्रों पर यूरिया व डीएपी का लक्ष्य 12551एमटी है। जहां इसकी उपलब्धता मात्र 740 एमटी है। वहीं निजी केंद्रों पर 32349 के सापेक्ष 6948 एमटी उपलब्ध है।
जनपद में कुल 83 सहकारी समिति के साथ आधा दर्जन से अधिक इफ्को किसान सेवा केन्द्र है। जहां से किसान खेती के सीजन में उर्वरक की खरीदारी करते है। कृषि विभाग का दावा है कि किसान सेवा केन्द्रों पर यूरिया के साथ-साथ डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जहां से किसानों को बिना किसी जद्दोजहद के आसानी से उर्वरक मिल रही है। वहीं यूरिया व डीएपी उर्वरक के साथ खरीफ में इस्तेमाल होने वाली दवाएं उपलब्ध हैं। खाद का रैक भी लग गया है, जब ही पर्याप्त मात्रा में खाद जनपद को उपलब्ध हो जाएगी। वहीं सहकारी समितियों पर भी जल्द उर्वरक की उपलब्धता होने की उम्मीद है। वहीं निजी क्षेत्रों में उर्वरक की उपलब्ध्ता अच्छी मात्रा है और इसके बढ़ने की भी उम्मीद है। सरकारी केंद्रों पर सरकारी उर्वरक केंद्रों पर यूरिया व डीएपी का लक्ष्य 12551एमटी है और इसकी उपलब्धता मात्र 740 एमटी है। इसमें यूरिया 292 और डीएपी 421 एमटी है। वहीं निजी केंद्रों पर 32349 के सापेक्ष 6948 एमटी उपलब्ध है। इसमें यूरिया 5017 एमटी और डीएपी, एमओपी,एसएसपी व एनपीके 1931 एमटी उपलब्ध है।
किसानों को उर्वरक की उपलब्धता समय से करा दी जाएगी। उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी। रैंक लग गई जल्द ही जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी उपलब्ध हो जाएगी। राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी।