शिकारगंज। गर्मी का तपन चरम सीमा पर होते ही क्षेत्र के पहाड़ी तथा पठारी इलाके में स्थित मुबारकपुर गांव की दो हजार की आबादी पेयजल के लिए परेशान है। गांव में लगे 13 इंडिया मार्का-2 हैंडपंपों में से 5 हैंडपंप तकनीकी खराबी तथा भूजल नीचे गिरने के कारण बेकार हो चुके हैं। वहीं चालू हालत के आठ हैंडपंप भी आयरनयुक्त गंदा पानी दे रहे हैं तथा गांव के चार कुआें का पानी भी नीचे चला गया है। जिससे पेय जल की समस्या उत्पन्न हो गई है।
मुबारकपुर गांव की आबादी 1950 के आस-पास है। इसमें मल्लाह, यादव, राजभर, विश्वकर्मा, नाई, धोबी जैसी जातिया निवास करती है। गांव के लोगों को पानी पीने के लिए इंडिया मार्का-2 के 13 हैंडपंप लगाए गए है। इनमें से 5 हैंडपंप पूरी तरह खराब हैं तथा 8 हैंडपंप ही थोड़ा बहुत पानी दे रहे हैं। हैंडपंपों से निकलने वाला पानी प्रदूषित है। लोग गांव के चार कुंए जिनका पानी तलहटी में चला गया है, उनसे पानी पीने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। गांव के मुकेश कुमार साहनी, बीपी यादव, शिवलोचन, नरसिंह, दिनेश, रमेश, बिंद्रा, मराछु, अनिल, श्यामसुंदर, विकास, सिकंदर, पुरुषोत्तम, प्यारेलाल, बुझारत, अशोक, पप्पू, सुभाष, माखन, शिवधनी ने कहा कि खराब हैंडपंपों में से 5 हैंडपंप कई माह से खराब है तथा 8 हैंडपंप आयरनयुक्त गंदा पानी मात्र 10 बाल्टी देने के बाद नाकाम हो जा रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए गहरी बोरिंग का नलकूप लगाकर पेयजल टंकी के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।