नियामताबाद। मुगलसराय तहसील में 16 अप्रैल को लेखपाल व अधिवक्ताओं में हुए विवाद के बाद एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लेखपालों व अधिवक्ताओं मंगलवार को तहसील परिसर में आमने-सामने हो गए। लेखपाल संघ ने एसडीएम के व अधिवक्ताओं ने पुलिस के समझाने पर धरना समाप्त किया। लेखपालों ने शुक्रवार तक अधिवक्ताओं पर कार्रवाई न होने की दशा में कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। वहीं अधिवक्ताओं ने भी तहसील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एसडीएम और तहसीलदार के स्थानांतरण व आरोपित लेखपालों के गिरफ्तारी की मांग की है।
इस दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष के इंद्रप्रकाश मिश्रा ने कहा कि घटना के दिन अधिवक्ताओं ने लेखपाल रितेश पांडेय को मारपीट कर घायल कर दिया था। इसकी प्राथमिकी अलीनगर थाने में दर्ज कराई गई। आरोपित अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लेखपाल संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था। डीएम ने लोकसभा चुनाव के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेखपालों ने भी एसडीएम कुमार हर्ष को पत्रक सौंप आरोपित अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर सुशील कुमार, राकेश सिंह, विश्वजीत मौर्य, सलमान खान, मनीष मौर्य, रितेश पांडेयआदि लेखपाल मौजूद रहे। दूसरी तरफ अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कार्यालय के समक्ष धरना दिया। उन्होंने आरोपित लेखपालों के गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया। देवीदयाल गुप्ता ने कहा कि जब तक आरोपित लेखपालों की गिरफ्तारी, एसडीएम व तहसीलदार का स्थानांतरण नहीं होता, तब तक अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना देने वालों में महामंत्री जयप्रकाश यादव, समरनाथ यादव, अमित गिरी, स्वामीनाथ पाठक, धर्मेंद्र सिंह, सतीश पाठक, अरविंद कुमार, शैलेंद्र, शिवपूजन आदि शामिल रहे।