कमालपुर। प्रत्येक मनुष्य की अंतरात्मा में अलौकिक प्रकाश है लेकिन इसका किसी को पता नहीं चल पाता। सद्गुरु ही मानव के अंदर व्याप्त अंधकार को बाहर निकालकर उसे प्रकाशवान करते हैं। सद्गुरु की शरण में जाकर ही उस अलौकिक शक्ति को प्राप्त किया जा सकता है।
ये बातें संत समाज की ओर से कस्बा स्थित श्री रामजानकी मंदिर परिसर में चल रहे तीन दिवसीय ब्रह्म वोिद्या विहंगम योग संत समागम समारोह व आध्यात्मिक सत्संग के तीसरे व अंतिम दिन रविवार को संत दुर्गा प्रसाद पांडेय ने कहीं। कहा कि सद्गुरु की महिमा से मानव मन के अंदर छिपे अंधकार को दूर कर उसे प्रकाशवान किया जा सकता है। भक्ति से ही परमात्मा को प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए विहंगम योग के ब्रह्म विद्या को अपनाने की जरूरत है। सद्गुरु सदाफल महाराज जी ने योग साधन से समाज के कल्याण का मूल मंत्र दिया है। सभी को इसे अपनाने की जरूरत है। प्रो. श्रीकांत ने कहा कि जिस तरह से दूध में घी होने के बावजूद दिख नहीं पाता, उसी प्रकार मनुष्य के अंदर भी दिव्य शक्ति का वास होता है। इस दिव्य शक्ति को दिखलाने का काम सद्गुरु करते हैं। मनुष्य को सद्गुरु के शरण में जाने पर ही जीवन का रहस्य मिल सकता है। इस मौके पर केशव अग्रहरि, मुसाफिर यादव, राममोहन अग्रहरि, रमाशंकर गुप्ता, अशोक अग्रहरि, कलाधर अग्रहरी, संतोष, नन्हकू सिंह, पुरुषोत्तम अग्रहरि, रमाकांत, रतन गुप्ता, गौरी राम, जयनाथ यादव, उषा, सरिता, अपर्णा मौजूद रहे।