चंदौली। सरकार ने गांवों में स्वच्छता अभियान के प्रगति की पड़ताल की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी है। जो एक से 30 अगस्त गांवों में शौचालयों की उपलब्धता, प्रयोग, जलभराव व कूड़ा निस्तारण की जानकारी लेकर सरकार को अवगत कराएंगी। मानकों पर खरा उतरने वाली ग्राम पंचायतों को सरकार द्वारा आयोजन के दौरान जनप्रतिनिधि को सम्मानित किया जाएगा।
जनपद को दो अक्तूबर तक खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य सरकार द्वारा तय किया है। सरकार की मंशा के अनुरूप निजी एजेंसियों को एक से 30 अगस्त तक गांवों में स्वच्छता अभियान के प्रगति का सर्वेक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। एजेंसी के कर्मचारी गांवों में जाकर स्वच्छता अभियान के प्रगति का सत्यापन करेंगे। वहीं लोगों को इसके प्रति जागरूक कर अभियान में शामिल करने का प्रयास करेंगे। सर्वेक्षण के लिए बकाएदे मानक निर्धारित किए गए हैं। वहीं नागरिकों से आनलाईन फीडबैक, प्रमुख प्रभावकों की प्रतिक्रिया और आफलाइन फीडबैक भी लिए जाएंगे। सर्वेक्षण के दौरान जनपद में शौचालय का आच्छादन, ओडीएफ गांवों का प्रतिशत, स्वच्छ भारत मिशन ग्रमीण के परिसम्पत्तियों की जियो टैगिंग, जिले में निष्क्रिय शौचालयों की स्थिति व संख्या और ओडीएफ गांवों का का जायजा लिया जाएगा। मानक पर खरा उतरने वाली ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जाएगा। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि स्वच्छताग्राहियों, स्वच्छता समूहों, ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्यों को भी इस अभियान में शामिल करने की योजना है। बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में निजी एजेंसी के माध्यम से स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाएगा। इस दौरान शौचालयों और ओडीएफ अभियान के प्रगति की पड़ताल की जाएगी।