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वनभूमि से उजाड़ने के विरोध में वनवासियों ने दिया धरना

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चकिया। काशी वन्य जीव प्रभाग के चकिया रेंज के अंर्तगत मझराती वन क्षेत्र में 19 दिसम्बर को बड़ी कार्यवाही करते हुए स्थानीय प्रशासन एवं वनकर्मियों की टीम ने वनभूमि से अतिक्रमणकारियों को बेदखल कर दिया था। बेदखली से नाराज वनवासियों ने शनिवार को स्थानीय गांधी पार्क में धरना दिया तथा धरने के बाद उपजिलाधिकारी आवास पर प्रदर्शन किया।
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश के प्रमुख समाजसेवी तथा राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डा. रामअधार जोसेफ ने कहा कि वनाधिकार कानून के तहत वनो में लंबे समय तक रहकर, लकड़ी, पत्ता तथा शहद निकालने के काम के जरिये जीविकोपार्जन करने वाले वनवासियो की बेदखली पर अधिनियम में रोक लगाई गई है। लेकिन इस रोक के बावजूद वन विभाग के अधिकारियो के साथ स्थानीय प्रशासन ने अमानवीय कार्यवाही करते हुए गरीब वनवासियों को जबरन न केवल उजाड़ा बल्कि उनके कच्चे घरों को ध्वस्त कर दिया। वन कर्मियों ने वनवासियो के घरो में मौजूद नगद रूपये तथा गहने भी लुट ले गये। जो पूरी असंवैधानिक तथा अमानवीय कार्य की श्रेणी में आता है। उन्होने वनवासियों के नुकसान की भरपायी करने तथा अवैधानिक कार्यवाही करने वाले अधिकारियो के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की।
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धरने के बाद वनवासी जुलूस के शक्ल में उपजिलाधिकारी रामसजीवन मौर्य के आवास पर पहुंचे, जहां एसडीएम के न रहने पर उनके आवास पर जमकर नारेबाजी की तथा प्रदर्शन किया। धरने के दौरान पीतपुर के ग्राम प्रधान झामा वनवासी, दशरथ सोनकर, सुभाष विश्वकर्मा, रामचंदर वनवासी, सुनील वनवासी, प्रमोद यादव, बी राजन, राजनाथ, सालिक वनवासी, महेंद्र वनवासी, चंद्रमा वनवासी, प्यारे बिंद, रामकेश वनवासी, बचाउ वनवासी, प्यारे वनवासी आदि वनवासी मौजूद रहे।
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