मुख्यालय पर प्रत्याशियों के खर्च रजिस्टर को देखते कर्मचारी।
विधान सभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के व्यय लेखा रजिस्टरों की शनिवार को व्यय प्रेक्षक वीके नायक की देखरेख में जांच की गई। 44 प्रत्याशियों के सापेक्ष 15 प्रत्याशियों के अधिकृत अभिकर्ताओं ने लेखा रजिस्टर की जांच कराई। हालांकि किसी भी प्रत्याशी का रजिस्टर मानक के अनुरूप नहीं था। इससे व्यय प्रेक्षक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अभिकर्ताओं को पूरी तैयारी संग आनेे को कहा।
विधान सभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग की ओर से नियुक्त व्यय प्रेक्षक वीके नायक की देखरेख में प्रभारी अधिकारी निर्वाचन व्यय सदन गोपाल मिश्रा और अधिकारियों की टीम ने प्रत्याशियों के व्यय लेखा रजिस्टर की जांच की। इस दौरान रजिस्टर में कई खामियां मिलीं। किसी का बैंक रजिस्टर ठीक नहीं था तो किसी का दैनिक व्यय लेखे का रख-रखाव मानक के अनुरूप नहीं मिला। कई प्रत्याशियों ने बचत खाता प्रस्तुत किया, जबकि आयोग के निर्देशानुसार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को चालू खाता खोलना अनिवार्य है।
प्रत्याशियों के अभिकर्ताओं को बचत खातों को चालू खातों में परिवर्तित कराने के निर्देश दिए गए। इस दौरान अभिकर्ताओं ने आयोग की ओर से निर्धारित सामग्रियों की दरों पर असहमति व्यक्त की गई। कहा कि जो दरें निर्धारित की गईं हैं वह बाजार दर से काफी अधिक हैं। व्यय प्रेक्षक ने बताया कि दलों के प्रतिनिधियों संग बैठक के बाद ही सामग्रियों की दर तय की गई थी इसमें सभी की लिखित सहमति भी है।
व्यय लेखा का निरीक्षण कराने वालों में चकिया के भाजपा और बसपा, सैयदराजा में भाजपा, बसपा और एक निर्दल, मुगलसराय से भाजपा, बसपा, सपा, प्रमासपा, मौलिक अधिकार पार्टी, पीपीपी, भाकपा माले और सकलडीहा से भाजपा, सपा और बसपा के अभिकर्ता शामिल रहे।