मुगलसराय। शहर की सरकार के गठन का अब सबको इंतजार है। निकाय चुनाव की प्रक्रिया की समाप्ति के बाद शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस बार की मिनी सभासद किचेन क्वीन की नुुमाइंदगी से भरा रहेगा। सदन में आधी आबादी की मजबूत दीवार भी दिखेगी। चुनी गई महिला सभासदों में कोई भी अशिक्षित नहीं है। पुरुष सभासदों की संख्या से ज्यादा हैं महिला सभासद। सदन में सबसे शिक्षित प्रतिनिधि प्रियंका तिवारी हैं।
नगर पालिका परिषद पं.दीन दयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में इस बार का जनप्रतिनिधि बोर्ड कुछ इतिहास को लेकर चलेगा। जहां चेयरमैन पद पर प्रथम दलित व्यक्ति की नुमांइगदी होगी तो पुरुषों से ज्यादा महिला सभासदों की उपस्थिति नई इबारत लिखेगी। किचेन से निकल कर वार्ड सेवक की भूमिका भी आधी आबादी निभानी है। भले ही पतियों के कंधे के सहारे सरकार चलानी हो लेकिन सदन में आधी आबादी एक दीवार की तरह होंगी। नगर में कुल 25 वार्ड हैं। इनमें 11 महिलाओं के लिए आरक्षित था। चुनाव में 13 महिलाएं चुनकर आई हैं। खास बात यह है कि इस बार के चुनाव में चुनी गई कोई भी महिला सभासद अशिक्षित नहीं हैं। इसमें कई महिलाओं को दूसरी बार सभासद बनने का गौरव हासिल हुआ है। महिला सभासद प्राइमरी से लेकर परास्नातक तक शिक्षा ग्रहण की हैं। सबसे अधिक शिक्षित प्रियंका तिवारी हैं जिन्होंने परास्नातक की डिग्री हासिल की है। आरती यादव, निधि तिवारी, शुभम भारती स्नातक हैं तो शीला व सरिता इंटर तथा रीना व माया जूनियर हाई स्कूल तक की शिक्षा ग्रहण की हैं। वहीं रेखा व संतरा प्राइमरी तक पढ़ी हैं। मिनी सदन में महिला सशक्तिकरण भी एक उदाहरण के तौर आ रही हैं। किचेन से निकल जनसेवा के क्षेत्र में आईं आधी आबादी पुरुषों से कंधा मिलाकर मिनी सदन में आवाज बुलंद करेंगी। सदन में इस बार पुरुष सभासदों की संख्या कम है। किचेन क्वीन पतियों के सहारे सभासदी चलाऐंगी या स्वयं के विवेक से वार्डों के विकास का खाका खींचेंगी यह आने वाला समय तय ही तय करेगा।