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Chandauli News: बरहनी ब्लाॅक के 75 गांवों में लगाए जाएंगे 1.32 लाख पौधे

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कंदवा। बरहनी विकासखंड के 75 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक और व्यक्तिगत पौधरोपण अभियान के तहत इस साल 1.32 लाख छायादार व फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और आईडी बनाना भी शुरू हो गया है। ब्लाॅक के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी( एपीओ) आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शासन स्तर से दो तरह के पौधारोपण की योजना बनाई गई है। अभियान में सामुदायिक पौधारोपण योजना के तहत पीपल, पाकड़, बरगद, सागौन और शीशम के पौधे लगवाए जाएंगे। जबकि व्यक्तिगत पौधरोपण योजना के तहत आम, अमरूद, जामुन, सहजन, आंवला और नींबू आदि फलदार पौधे लगाए जाएंगे। पौधारोपण के लिए गड्ढा खोदाई का काम मनरेगा से आईडी बनाकर पंचायत स्तर पर कराया जाएगा जो जून के पहले सप्ताह से शुरू होगा। गड्ढा आधा मीटर चौड़ा और आधा मीटर गहरा होगा। 75 ग्राम पंचायतों में 1762 पौधे लगाए जाएंगे। बताया कि इस बार अमृत सरोवर, पंचायत भवन, स्कूल परिसर, चकमार्ग और व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए अलग-अलग आईडी बनाई जाएगी। वहीं, हरितमा ऐप पर जियो टैगिंग भी की जाएगी। ग्राम पंचायत में पौधारोपण कराने के इच्छुक व्यक्ति अपने ग्राम पंचायत के सचिव और ग्राम प्रधान और ब्लाॅक स्तर पर बीडीओ और एपीओ से संपर्क कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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10 बड़े स्थलों पर होगा पौधरोपण

कंदवा। पौधरोपण के तहत विकास खंड के 10 बड़े स्थलों पर पौधरोपण की योजना है। इसके तहत फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। जिन्हें अमृत वन, अमृत वाटिका या नक्षत्र वाटिका का नाम दिया जाएगा।

14 दिनों तक मनरेगा मजदूर करेंगे पौधों की देखभाल

कंदवा।
गांव-गांव लगाए जाने वाले पौधों की देख भाल अलग-अलग मनरेगा मजदूर 14 दिनों तक करेंगे। पौधों के निरंतर और समुचित विकास के लिए निराई-गुड़ाई का कार्य मनरेगा से ग्राम पंचायत स्तर पर कराया जाएगा।
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नष्ट हो गए हैं पहले रोपे गए पौधे

कंदवा। बरहनी विकास खंड में ग्राम्य विकास विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2022-23 में एक लाख 35 हजार, 2023-24 में एक लाख 35 हजार, वित्तीय वर्ष 2024- 25 में भी एक लाख 35 हजार और वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक लाख 33 हजार 250 पौधे लगाए गए थे। लोगों का कहना है कि चार वर्षों में जितने पौधे लगाए गए थे, वे रखरखाव के अभाव में नष्ट हो गए हैं।अगर वे सही सलामत रहते तो ब्लाॅक में भी नौगढ़ की तरह घना जंगल हो गया होता।
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