फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ दिया धरना

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। संविधान बचाओं संघर्ष समिति के लोगों ने रविवार को विकास भवन के पास धरना दिया। मांग किया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित दस प्रतिशत आरक्षण गलत ढ़ंग से लागू किया गया है। इसके खिलाफ संगठन द्वारा आगामी पांच मार्च को भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसके बाद भी सरकार ने अपने फैसले को वापस नहीं लिया तो लोग सड़कों पर उतरेंगे।
विज्ञापन

वक्ताओं ने कहा कि देश में संविधान के नियमों को ताक पर रखकर केंद्र सरकार लागू किया। इससे समाज के पिछड़े और दलित वर्गो के साथ धोखा हुआ है। कहा कि बिना चर्चा किए ही सात दिनों के अंदर विधेयक पास कर दिया गया, लेकिन देश में गरीबी का हाल जानने को पिछले 50 वर्षों में सरकारों ने कुल 24 कमीशन बैठाए। मगर, गरीबों के हित में योजनाएं बनाने को कोई पहल नहीं की गई। इससे आज भी देश की आधी आबादी गरीबी की दंश से पीड़ित है। कहा नौकरियों में सवर्णों की करीब 69 फीसदी भागीदारी है। सरकार के निर्णय से प्रशासन, शिक्षा आदि के क्षेत्र में और भागीदारी बढ़ जाएगी। इससे गरीबों के आरक्षण पर खतरा उत्पन्न हो गया है। सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार की जरूरत है। ताकि गरीबों का अहित न होने पाए। चेताया कि यदि नए आरक्षण को वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन को विवश होंगे। इस दौरान कमलेश यादव, लालबहादुर, शंभूनाथ, अशोक कुमार गौतम, सतीश कुमार, जितेंद्र पटेल, बृजेश, चंद्रकांत, रामचंद्र पाल मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें