चंदौली। जिले के प्रधानों ने सोमवार को मुख्यालय स्थित विकास भवन के समीप सामूहिक रुप से धरना दिया। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन शौचालय निर्माण में नोडल अधिकारियों को बचाने के चक्कर में प्रधानों पर जबरदस्ती मुकदमा दर्ज करा रहा है। धरना स्थल पर प्रधानों को समझाने पहुंचे सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव के आश्वासन के बाद भी नाराज लोगों ने उनकी एक न सुनी और उन्हें वापस भेज दिया। प्रधानों पर से केस वापसी की मांग को लेकर लोगों ने आमरण अनशन का ऐलान किया।
जनपद में शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने के आरोप में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न ब्लाकों के दस प्रधानों और दस सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इससे जिले के प्रधानों में गहरी नाराजगी है। सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर जुटे प्रधानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। आरोप लगाया कि प्रधान स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में हमेशा सहयोग करते रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन का सहयोग अपेक्षात्मक नहीं रहा है। जिससे जिले शौचालयों का निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है। जबकि इसकी मानिटरिंग के लिए डीएम द्वारा नोडल अधिकारियों की भी तैनाती की गई है। ऐसे में प्रधानों पर मुकदमा कराना ही से भी जायज नहीं है। प्रधानसंघ के जिलाध्यक्ष प्रभाष सिंह अनुज ने कहा कि प्रधानों पर दर्ज मुकदमे की वापसी के लिए धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। इस दौरान प्रधानों को समझाने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी डा. अभय कुमार श्रीवास्तव ने प्रधानों से शौचालय निर्माण में सहयोग करने की अपील किया। लेकिन प्रधान मुकदमा वापसी की मांग को लेकर अड़े रहे। जिसपर उन्होंने मुकदमा वापस नहीं होने की बात कही। जिसके बाद नाराज प्रधानों ने अपनी मांगों के समर्थन में आमरण अनशन करने का ऐलान किया और सीडीओ को बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस दौरान माया सिंह, पुष्पराज सिंह, रामध्वजा सिंह, राजीव कुमार सिंह, देवेंद्र यादव, संजय चौहान, अखिलेश सिंह, जगमेंद्र यादव, इंदल यादव, कमलापति त्रिपाठी, विक्की प्रधान, मिंटू सिंह, चंदन तिवारी, कृष्णकांत द्विवेदी, पप्पू प्रधान मौजूद रहे।
चंदौली। जनपद में ग्राम सचिवों के खिलाफ प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी से नाराज ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों ने समन्वय समिति के बैनर तले बिछियां धरनास्थल स्थित कृषि फार्म पर बैठक की। लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया। आरोप लगाया कि प्रशासन कार्यवाही के नाम पर ग्राम सचिवों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेताया कि यदि प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही को यदि शीघ्र वापस नहीं लिया गया तो ग्राम सचिव संगठित होकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान अध्यक्ष कैलाशपति सिंह, कमलेश सिंह, धनंजय सिंह, हवलदार, संजीव सिंह, अनिल कुमार सिंह, काजी मिन्हाज, राजेश वर्मा, बजरंगी, धर्मेन्द्र सिंह, सौरभ, चंद्रबली, युग किशोर, संदीप सिंह, अयूब अहमद, राजेश्वर पाल उपस्थित रहे।