चंदौली। विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। न्यायालय और तहसील परिसर आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वादों का निस्तारण कर जुर्माना वसूला गया। इसकी शुरुआत जिला जज दिलीप सिंह यादव ने दीप जला कर किया। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में में जिला जज ने लोगों को विधिक नियमों और कानून के बारे में जानकारी दी।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव द्वारा एमएसीपी के तीन वादों का निस्तारण कर 10 लाख 95 हजार का प्रतिकर दिया गया। अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय द्वारा 51 मामलों का निस्तारण के बाद 3 लाख 92 हजार 265 रुपये का प्रतिकर दिया गया। जबकि चार क्रिमिनल वादों का निराकरण कर दो हजार रुपये जुर्माना वसूले गए। अपर जनपद न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश राजेंद्र सिंह द्वारा दो वादों का निस्तारण किया गया । प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रमेश कुमार यादव ने आठ मामलों का निराकरण किया। वहीं छह दंपतियों का पुनर्मिलन कराया गया
अपर जनपद न्यायाधीश एवं एफटीसी प्रथम अरविंद कुमार यादव ने तीन वादों का निस्तारण कराया। अपर जनपद न्यायाधीश एवं एफटीसी द्वितीय सुधाकर राय द्वारा एक वाद का निस्तारण कर तीन लाख का प्रतिकर दिलाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्रिपुरारी मिश्रा ने कुल 656 वादों का निस्तारण कर 73 हजार 520 रुपया जुर्माना वसूल किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजेश कुमार यादव ने 106 मामलों का निस्तारण कर 16 हजार 390 रुपये जुर्माना वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन चकिया नम्रता सिंह ने 42 वादों का निस्तारण कर 17 हजार 700 रुपये जुर्माना वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन चंदौली सिद्दीकी साइमा जर्रार आलम ने 70 मामलों का निराकरण कर 39 सौ रुपये जुर्माना वसूल किया। साथ ही दो उत्तराधिकार वाद निस्तारित कर एक लाख 7 हजार 850 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली विपिन यादव ने 97 वादों का निस्तारण कर 6200 रुपया जुर्माना वसूला। इसके अलावा सभी बैंकों की ओर से 660 ऋण खातों का निस्तारण कर तीन करोड़ 39 लाख का समझौता किया गया। जबकि राजस्व न्यायालयों में 10 हजार 210 वादों का निस्तारण किया गया।