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फैक्ट वार में पूर्व सांसद ने मेडिकल कालेज की दिखाई खतौनी

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पूर्व सांसद
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मुगलसराय। जनपद में मेडिकल कालेज बनाने को लेकर वर्तमान और पूर्व सांसद आमने-सामने आ गए हैं। दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच मेडिकल कालेज को लेकर अब फैक्ट वार छिड़ गया है। सांसद महेंद्र पांडेय की ओर से मेडिकल कालेज के पूर्व के शासनादेश पर उठाए गए सवाल पर गुरुवार को पूर्व सांसद रामकिशुन ने मेडिकल कालेज से जुड़े दस्तावेजों को मीडिया से नगर स्थित सपा कार्यालय में साझा किया। उन्होंने माधोपुर में प्रस्तावित मेडिकल कालेज के लिए आवंटित उद्यान विभाग की 8.881 हेक्टेयर भूमि की खतौनी प्रस्तुत की। उन्होंने सवाल किया कि सांसद डा. महेंद्रनाथ पांडेय अब बताएं कि चंदौंली को मेडिकल कालेज कब तक मिलेगा।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 23 जनवरी 2014 को चंदौली में मेडिकल की घोषणा की थी। और सकलडीह तहसील माधोपुर में उद्यान विभाग की 8.881 हेक्टेयर भूमि को राजकीय मेडिकल कालेज चंदौली (चिकित्सा शिक्षा विभाग) के नाम किया गया। इसके लिए करीब सात करोड़ रुपये जारी भी कर दिए गए। पूर्व सांसद रामकिशुन ने कहा कि वर्तमान सांसद डा. महेंद्र नाथ पांडेय की ओर से मेडिकल कालेज के लिए शासनादेश दिखाने के सवाल पर कहा कि जो भाजपा डिजिटल इंडिया की बात कर रही है उस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद शासनादेश मांग रहे हैं। कहा कि सब कुछ आनलाइन है तो कहीं से वह यह जानकारी ले सकते हैं। रामकिशुन ने कहा कि रामनगर सामने घाट पर पुल का निर्माण, मुगलसराय व नौगढ़ तहसील समेत सकलडीहा-अलीनगर मार्ग सब कुछ सपा की सरकार में बने। यहां तक कि सैयदराजा में राजकीय बालिका महाविद्यालय का निर्माण भी सपा सरकार में हुआ। जुलाई 2017 में सत्र की शुरूआत होनी थी। एक वर्ष बाद भी भाजपा कालेज में सत्र शुरू नहीं करा पाई। चंदौली के मेडिकल कालेज को मिर्जापुर स्थानांतरित कर दिया गया। यह जिले की जनता के साथ धोखा है जिससे चंदौली विकास कार्यों में पिछड़ गया है। दरअसल सांसद डॉ. पांडेय ने एक दिन पहले पूर्व सांसद के मेडिकल कालेज के बयान पर उनसे शासनादेश या कोई दस्तावेज दिखाने की बात की थी।
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