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Chandauli News: 131 ने बीपी और 115 ने शुगर की कराई जांच

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चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में इलाज के लिए जुटे मरीज। संवाद - फोटो : बंदी के कगार पर साइंस और ग्लासवेयर उद्योग, गैस का सिर्फ दो दिन का स्टॉक
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चकिया। जिला संयुक्त चिकित्सालय आने वाले 30 से 45 वर्ष आयु के अधिकांश युवाओं में बीपी और शुगर के लक्षण जांच में मिल रहे हैं। अस्पताल में युवा बीपी, शुगर की जांच कराते हुए दिखाई दे रहे हैं। बुधवार को 584 लोगों की ओपीडी हुई। इसमें 131 ने बीपी और 115 ने शुगर की जांच कराई। चिकित्सकों ने दिनचर्या, खानपान आदि में बदलाव की सलाह दी है।
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पहले ये रोग 50 वर्ष की आयु से ऊपर वालों को होता था। इसे वंशानुगत भी माना जाता था, मगर आज के दौर में युवा वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। सीएमएस डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि इसके लिए अस्पताल में अलग केंद्र बनाकर जांच की जाती है। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले युवा शुगर और बीपी से ग्रसित मिल रहे हैं। डॉ. आरआर यादव का कहना है कि इससे बचने के लिए युवा पीढ़ी को लाइफ स्टाइल के प्रति सजग होना होगा। युवाओं को शुगर और बीपी होने का मुख्य लाइफ स्टाइल है। आज के युवा किसी भी कार्य को सामान्य रूप से नहीं लेते हैं। कार्यक्षेत्र की जबावदेही को सामान्य रूप से नहीं लेने की वजह से वे मानसिक दबाब और तनाव के शिकार हो रहे हैं।
दबाव और तनाव से शुगर और बीपी की बीमारी हो रही है। लोगों ने शारीरिक श्रम करना छोड़ दिया है। गुटखा, सिगरेट तथा मद्यपान से भी यह बीमारी हो रही है। जिला संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ आरबी सिंह ने बताया कि चिकित्सालय में बुधवार को 584 लोगों ने ओपीडी में इलाज कराया। इसमें 382 आभा एप से जुड़े थे। चिकित्सकों के निर्देश पर 131 लोगों ने बीपी और 115 लोगों ने शुगर की जांच कराई। बताया कि बीपी-शुगर से पीड़ित युवाओं की संख्या बढ़ रही है।
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