पीडीडीयू नगर। राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने शनिवार को संयुक्त रूप से स्टेशन की सुरक्षा की जांच के लिए मॉकड्रिल की। दोपहर में स्टेशन के फूट ओवरब्रिज पर बम मिलने की सूचना पर यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। सावधानीपूर्वक सुरक्षा बलों की टीम ने बम वाले बैग को कब्जे में ले लिया । सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक मॉक ड्रिल में सबकुछ ओके मिला।
हावड़ा दिल्ली रूट पर अति व्यस्त स्थानीय रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के मद्देनजर अक्सर राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीम सुरक्षा व्यवस्था की जांच करती है। इसी क्रम में अधिकारियों के निर्देश पर दोपहर एक बजे मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई। इसके तहत फुट ओवर ब्रिज पर प्लेटफार्म संख्या दो पर जाने के लिए लिफ्ट के समीप एक बैग रख दिया गया। दोपहर एक बजे अचानक जीआरपी को सूचना मिली कि ओवरब्रिज पर लावारिश बैग पड़ा है। इसके बाद जीआरपी पीडीडीयू स्टेशन प्रभारी आरके सिंह, अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार, रेलवे सुरक्षा बल स्टेशन पोस्ट प्रभारी बीएन मिश्र, डाग स्क्वायड टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आनन फानन में लावारिश बैग के आस पास सुरक्षा घेरा बनाया गया। इसके बाद सावधानी पूर्वक बैग को खोला गया तो उसमें कपड़े मिले। इस पर सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। इस संबंध में निरीक्षक आरके सिंह और बीएन मिश्र ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर मॉक ड्रिल की गई। इसमें सब कुछ ओके मिला।
पीडीडीडीयू नगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को रेलवे ट्रैक और पटरियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। पीडब्लूआई और गैंगमैनों की टीम के साथ आरपीएफ और जीआरपी ने स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी छोर पर स्टेशन से पांच किलोमीटर दूर तक रेल पटरियों की जांच पड़ताल की।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रेलवे ट्रैक सुरक्षित रहे इसके लिए शनिवार को दिन में 11 बजे जीआरपी पीडीडीयू जंक्शन प्रभारी आरके सिंह, अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार, आरपीएफ स्टेशन पोस्ट निरीक्षक बीएन मिश्र, सीआईबी के प्रभारी निरीक्षक आरआर सहाय के नेतृत्व में टीम ने रेलवे स्टेशन के दोनों छोर पर पांच पांच किलोमीटर तक पैदल चलकर ट्रैकों का बारिकी से निरीक्षण किया। इस दौरान पटरियों में लगे पेंडाल क्लिप सुरक्षित हैं कि नहीं, खुले तो नहीं हैं आदि को देेेखा वहीं जोड़ पटरियों के जोड़ में गड़बड़ी तो नहीं है, इसकी पड़ताल की। पेंडाल क्लीप खुले मिलने पर गैंगमैन से कहकर उसे ठीक कराया गया।