चंदौली। नवमी तिथि में हवन पूजन होने के बाद दशमी के दिन मूर्ति विसर्जन का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए शनिवार से मूर्ति के विसर्जन का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। कुछ स्थानों पर रावण का पुतला दहन होने के बाद ही मूर्ति विसर्जन का कार्य होगा। इससे एक दर्जन से अधिक स्थानों के मूर्ति का विसर्जन दो अक्टूबर को होगा। पूरे जिले से 121 स्थानों को विसर्जन के चिह्नित किया गया है। जिसके लिए पुलिस की ड्यूटी पुलिस अधीक्षक कार्यालय से बांटी गयी है।
गंगा के साथ-साथ अन्य सहायक नदियों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दिया। इसके बाद अब इन मूर्तियों का विसर्जन तालाबों में कराया जाएगा। जिले में 366 स्थानों पर पंडाल बनाकर मां दुर्गा का प्रतिमा लगाकर पूजन अर्चन किया जा रहा है। जिसके विसर्जन के लिए 121 स्थान चयनित किये गये हैं। जिसमें सदर कोतवाली में 26, मुगलसराय में 26, अलीनगर में 17, सैयदराजा में 22, सकलडीहा में 17, धीना में 20, धानापुर में 19, बलुआ में 11, कंदवा में 09, चकिया में 17, बबुरी में 07, शहाबगंज में 09, इलियां में 05, नौगढ में 02 और चकरघट्टा थाना क्षेत्र में 02 स्थानों पर दुर्गा की प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए नोडल बनाए गये अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिसमें संबधित थाना क्षेत्र के एसओ व एसआई के नेतृत्व में पांच-पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक के साथ 20-20 की संख्या में पुलिस चक्रमण करेगी। वहीं एक दरोगा व पांच सिपाही की चार क्यूआरटी रिजर्व में रखी गयही है। इसके साथ ही इन सभी थानों में पुलिस अधीक्षक अपर पुलिस अधीक्षक के अलावा संबधित सीओं गश्त कर जांच करेगें। वहीं तालाबों पर गोताखोरों की व्यवस्था भी की गई है।