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कृष्ण रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र सुन भक्त हुए विभोर

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मुगलसराय। नगर के जीटी रोड स्थित अग्रवाल सेवा संस्थान में चल रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें और अंतिम दिन स्वामी अखिलानंद ने कृष्ण- सुदामा मित्रता, कृष्ण रुक्मणि विवाह , कंस वध की कथा सुनाई।
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उन्होंने ने कहा कि दुष्ट के किये गये पाप जब पूर्ण हो जाते हैं, तो उसका अंत निश्चित है। भगवान कृष्ण द्वारा कंस का किया गया बध ऐसा ही था। उन्होंने कहा कि ब्रज प्रेम की भूमि है जो सभी का कल्याण करती है। कहा कि जब मनुष्य भगवान के विरह में आंसू बहाता है तभी ईश्वर प्रेम की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कृष्ण- सुदामा मित्रता की प्रेम कहानी श्रेष्ठ प्रेम को दर्शाता है। इसके साथ ही कृष्ण और रूक्मणी विवाह की झांकी सहित कृष्ण व सुदामा की मित्रता की दिव्य झांकी भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर विष्णुकांत अग्रवाल, आत्माराम तुलस्यान, पीएन सिंह, रघु भारतिया, अजय जालान, संतोष पाठक, कमलेश तिवारी, विनय वर्मा, छबीलाल, आसाराम यादव, रतन लाल, रतन कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र मिश्रा, विरेन्द्र कुमार पांडेय, अभय श्रीवास्तव, मनोज मोदनवाल, रंजीत कुमार, चंद्रमाराम मौर्या, राजेंद्र कुशवाहा, राम आसरे गुप्ता, समर बहादुर यादव, शुभम कुमार आदि रहे।
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