मुगलसराय। अगस्त क्रांति दिवस के मौके पर बुधवार को देश की आजादी में सर्वस्व बलिदान करने वाले क्रांतिकारियों को याद किया गया। विभिन्न संगठनों ने बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी और गोष्ठी के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदानों को याद किया। क्रांतिकारियों के बलिदान से प्रेरणा लेकर वर्तमान में भारत को सुदृढ़ संपन्न देश बनाने का आह्वान किया गया।
स्वदेशी जागरण मंच की ओर से सुबह आठ बजे नगर के सुभाष पार्क में सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान हुई गोष्ठी में आज के दिन को याद किया गया। डॉ. अनिल यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता इतिहास में सन 1857 और सन 1942 को प्रमुखता से याद किया जाता है। 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत हुई और महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा भी दिया था। इसकी बदौलत 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली और अंग्रेज देश छोड़ भाग खड़े हुए। अध्यक्षता करते हुए भाजपा नेता रमेश जायसवाल ने कहा कि अगस्त क्रांति के लिए हमें देश की रक्षा और आन, बान, शान की बढ़ोत्तरी के लिए हरसंभव प्रयास का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर शिवजी, पारसनाथ चौरसिया, अशोक कुमार, बीके दूबे, विजय कुमार अमित विश्वकर्मा, प्रदीप जायसवाल, राजनाथ पाल आदि रहे।
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के सदस्यों की पराहुपुर स्थित कैंप कार्यालय पर हुई गोष्ठी में नौ अगस्त की क्रांति को याद किया गया। इस मौके पर सिविल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व महामंत्री वीरेंद्र प्रताप सिंह दाढ़ी, अभिमन्यु मिश्रा, सुनीता चौधरी, विजय बहादुर सिंह, तारकेश्वर सिंह, अमित सिंह, हरेंद्र, रविप्रकाश, बच्चा मिश्रा, दुर्गेश पांडेय, अमित तिवारी, अशोक पांडेय, राकेश सिंह आदि उपस्थित रहे।