पीडीडीयू नगर। रेल फ्रेट कारिडोर के लिए नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए विरोध के बीच रविवार को मटकुट्टा से रेवसां-गंज ख्वाजा तक एक दर्जन गांवों में अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान क्षेत्रीय लोग विरोध करने सामने आ गए लेकिन काफी संख्या में मौजूद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के चलते आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके। विरोध करने वालों की एक नहीं चली और पोकलैंड से अवैध निर्माण को ढहा दिया गया। बाद में गांव के लोग स्वयं अतिक्रमण हटाने लगे।
रेल फ्रेट कोरिडोर परियोजना के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। वहीं गांवों में लगातार इसका विरोध भी किया जा रहा है। ग्रामीण उचित मुआवजा की मांग के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को मुगलसराय एसडीएम आनंद वर्धन की देख रेख में अलीनगर, बलुआ, सकलडीहा ,चंदौली, शहाबगंज, इलिया, नौगढ़, धीना, धानापुर, सैयदराजा, बबुरी थानों की पुलिस के साथ आरपीएफ, एक सेक्शन पीएसी, महिला पुलिस कर्मी मटकुट्टा पहुंचे। पुलिसकर्मियों का नेतृत्व सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ नक्सल नौगढ़ नीरज सिंह कर रहे थे। राजस्व और पुलिस कर्मियों की देख पोकलैंड से अतिक्रमण हटाना शुरू किया। अभियान के तहत मटकुट्टा, डिग्घी, रामपुर, गंजख्वाजा, रेवसां, जलालपुर, बनौली खुर्द आदि गांवों में अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों में ग्रामीणों ने विरोध किया लेकिन बड़े पैमाने पर तैनात पुलिस को देख शांत हो गए। इस दौरान कारिडोर के रास्ते में आने वाले भूमि पर बने मकान, झोपड़ी, कच्चे पक्के निर्माण आदि को हटाया। वहीं कई गांवों के लोगों ने स्वयं ही रास्ते में आने वाले मकानों को से ढहा दिया। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक चले अभियान के दौरान पूरा रास्ता साफ हो गया। अतिक्रमण हटाने के बाद रास्ते को समतल भी कर दिया गया।