चंदौली। जिले में धान खरीद में लगी एजेंसियों में पीसीएफ की हालत सबसे खराब है। पीसीएफ के सात ऐसे केंद्र है, जहां आज तक बोहनी नहीं हुई है। जबकि 26 केंद्रों की हालत भी कुछ ऐसे ही है। डीएम नवनीत सिंह चहल ने पीसीएफ के अधिकारियों द्वारा धान की खरीद में सहयोग नहीं करने पर शासन को पत्र भेजा है।
जिले में धान खरीद के लिए 68 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन बाद में दस नए केंद्र और बना दिए गए। शासन की ओर से जिले के किसानों से एक लाख 83 हजार एमटी धान क्रय करने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें पीसीएफ को 33 केंद्रों पर 28 हजार पांच सौ एमटी धान क्रय करना है। अभी तक पीसीएफ की ओर से मात्र तीन एमटी धान क्रय किया गया है। ऐसे में डीएम ने खरीद एजेंसी की सुस्त रफ्तार नाखुश है और कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया है।
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कोढ़ में खाज बनी बोरे की कमी
धान खरीद के लिए खाद्य विपणन विभाग की ओर से क्रय ऐजेंसियों को बोरे उपलब्ध कराए जाते है। लेकिन कई ऐसे केंद्र है जहां बोरे के अभाव में धान खरीद प्रभावित हो रही है। जिससे किसानों और क्रय केंद्र प्रभारियों में आएदिन किचकिच हो रही है। डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव भी बोरे के अभाव के संबंध में विभागीय अधिकारियों को अवगत करा चुके है। लेकिन अभी तक बोरे की उपलब्धता को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।