कंदवा। सकलडीहा विकास खंड क्षेत्र के खोर गांव के दलित बस्ती में रविवार की देर करीब एक बजे अज्ञात कारणों से तूफानी राम की दो रिहायशी झोपड़ियों में आग लग गई। इससे घर गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। मौके पर जुटे लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अन्यथा आस-पास के दर्जनों झोपड़ियों में भी आग लग सकती थी। ग्रामीणों ने तूफानी की बहू और और दो छोटे बच्चों को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाल लिया।
खोर गांव में तूफानी राम का परिवार खाना खाने के बाद सो रहा था। आधी रात के बाद अचानक रिहायशी झोपड़ी में आग लग गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचते और आग पर काबू पाते, तब तक तूफानी की दो झोपड़ियां जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू कर लिया वरना आस पास की दर्जनों अन्य लोगों की झोपड़ियों में भी आग लग सकती थी। घटना के वक्त तूफानी की बहू अपने बच्चों के साथ एक झोपड़ी में सो रही थी। उसे आग लगने की कोई जानकारी नहीं हुई। वो तो समय रहते तूफानी की पत्नी को बहू पोतों की याद आयी तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर वहां मौजूद लोगों ने झोपड़ी का दरवाजा तोड़कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। अगलगी की इस घटना में तूफानी का पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। वे दाने दाने को मोहताज हो गए हैं । पीड़ित परिवार के पास अब वही वस्त्र बचे हैं जिन्हें घर वालों ने घटना के समय पहन रखे थे। प्रधान प्रतिनिधि अंबिका यादव और समाजसेवी चंद्रमोहन सिंह ने तहसील प्रशासन से पीड़ित को अहेतुक सहायता की मांग की है।