चंदौली। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन की बैठक शनिवार को सदर ब्लाक परिसर में हुई। इस दौरान ग्राम प्रधानों ने धानापुर, चहनियां और नियामताबाद विकास खंडोंके ग्राम प्रधानों के लिए की गई प्रशासनिक कार्रवाई की निंदा की साथ ही परफार्मेंस ग्रांट पर लगी रोक हटाने की मांग भी की। कहा कि यदि सरकार और सरकारी कर्मचारियों का प्रधानों के प्रति जाति उत्पीड़नात्मक रवैया नहीं बदला तो सभी ग्राम प्रधान ओडीएफ का विरोध करेंगे और ग्राम पंचायतों में कोई भी कार्य नहीं कराएंगे।
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित शर्मा ने कहा कि सरकार का कहना है कि ग्राम पंचायतें कोई आय नहीं करती हैं जो सरासत गलत है। प्रत्येक ग्राम पंचायत सरकार को प्रति वर्ष चार सौ रुपये सामान्य लाभ निधि में देती है। ऐसे में या तो सरकार के आय का मानक गलत है या उसकी वसूली अवैध है। इसके अतिरिक्त राज्य वित्त के रूप में ग्राम पंचायतों को जो पैसा मिलता है वह पंचायतों की आय ही है। ऐसे में परफार्मेंस ग्रांट पर रोक लगाया जाना अनुचित है। प्रदेश में दो हजार पंचायतों के ग्रांट पर रोक लगाई गई है। इससे ग्राम पंचायतों का विकास प्रभावित हो रहा है। प्रधान अन्य मदों में प्राप्त धन को भी नहीं निकाल पा रहे हैं। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने निकासी पर लगी रोक नहीं हटाई तो प्रधान न्यायालय की शरण लेंगे। कहा कि सरकार ग्राम पंचायतों के अधिकारों में भी कटौती कर रही है। जिलाध्यक्ष अनुज सिंह ने कहा कि शौचालय निर्माण में हुई अनियमितता में एक उच्चाधिकारी को बचाने के लिए जिला प्रशासन प्रधानों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज करवा रहा है। जबकि इस गबन में प्रधानों की कोई सहभागिता नहीं है। इस अवसर पर सुजीत सिंह, जनार्दन यादव, सुरेश यादव, दिलीप सिंह, चिंटू सिंह आदि रहे।