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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नहीं मिल रही दवाइयां 18-36-06

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चंदौली। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सभी प्रकार की दवाइयां मुफ्त मिलने का दावा खोखला है। हकीकत तो यह है कि जिले के अधिकांश सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्राय: आवश्यक दवाइयों का अभाव रहता है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का दवा है कि जरूरत की सभी दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध है।
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मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। वहीं प्रतिदिन लगभग 20 मरीज भर्ती होते हैं। इसमें ज्यादातर मरीज बुखार, मलेरिया, पेट दर्द सहित अन्य होते हैं। वहीं गैस व दर्द दवाओं की कमी के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। जबकि मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर शासन का प्रतिबंध लगा है , लेकिन चिकित्सक फिर भी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए सरकारी पर्चे से इतर मरीज को अलग से पर्ची थमा देते हैं।
गैस व दर्द की दवाएं नहीं होने से परेशानी
शासन का निर्देश है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सभी दवाइयां मिलनी चाहिए। जिला अस्पताल में लगभग 250 दवाइएं होनी चाहिए, लेकिन 200 दवाएं उपलब्ध है। इसमें प्रमुख रुप से गैस व दर्द की दवाएं नहीं है। इसके लिए विभाग की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है। कर्मचारियों की माने तो जल्द ही दवा उपलब्ध होने की संभावना है।
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मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में गैस व दर्द की दवा नहीं होने के कारण मरीजों को जन औषधि केंद्र का सहारा लेना पड़ रहा है। रमेश कुमार व मुकेश कुमार ने कहा कि प्रमुख दवाओं के नहीं होने से मरीजों को परेशानी होती है। जल्द ही गैस व दर्द की दवाएं अस्पताल में उपलब्ध कराई जाए।

जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं है। सभी अस्पताल में पर्याप्त मात्र में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध है। जहां दवा नहीं है उसकी जानकारी होने पर तत्काल अस्पताल में उपलब्ध कराई दी जाती है। डा.आरके मिश्र सीएमओ।
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