चंदौली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को जिला कारागार वाराणसी में शिविर का आयोजन हुआ। इसमें जेल में बंद जनपद के कैदियों को विधिक सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही न्यायिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान प्राधिकरण के सचिव अमित कुमार यादव ने कहा कि प्ली बार्गेनिंग के स्वैच्छिक प्रक्रिया है। इसके तहत आपराधिक मुकदमों का निबटारा किया जाता है। प्ली बार्गेनिंग के तहत मुकदमों की सुनवाई के दौरान आरोपित को अधिकतम सात वर्ष तक की ही सजा होती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि एक अथवा दो सुनवाई में ही मामलों का निबटारा कर दिया जाता है। इसके बाद मामले को उसी कोर्ट में भेज दिया जाता है, जहां पहले मामला विचाराधीन था। कहा कि बंदियों को अपील दाखिल करने में यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो तत्काल विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क करें। प्राधिकरण की ओर से नि:शुल्क अधिवक्ता की व्यवस्था करने के साथ ही अन्य सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट त्रिपुरारी मिश्रा ने भी बंदियों को विधिक सेवाओं की जानकारी दी। कहा कि 12 फरवरी को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें लंबित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा।