कंदवा। क्षेत्र के गोरखा हनुमान मंदिर पर गोरखा इमिलिया मानस समिति की ओर से चल रहे पांच दिवसीय संगीतमय मानस कथा में सोमवार को जौनपुर से आए कथावाचक मानस प्रवक्ता पंडित महेश्वरानंद जी महाराज व भरहुलिया चंदौली से आए मानस मंजरी विभा उपाध्याय ने श्रोताओं को मानस कथा की गंगा में खूब गोते लगवाए।
मानस मंजरी विभा उपाध्याय ने राम सीता विवाह प्रसंग पर कहा कि विवाह संस्कार गृहस्थ आश्रम का प्रवेश द्वार है। राम सीता का विवाह तो विश्व के लिए एक आदर्श है। इस पद्धति से भटक कर पाश्चात्य शैली अपनाने के कारण ही समाज में अनाचार, व्यभिचार, बलात्कार जैसी घटनाएं जन्म ले रहीं हैं। उन्होंने श्रोताओं को नसीहत दी कि आज हम फिर से भगवान राम व भगवती सीता के संस्कारिक दांपत्य एवं मर्यादा का अनुसरण करें। कथा सुन श्रोता सुधबुध भुला बैठे थे। वहीं जौनपुर से पधारे मानस प्रवक्ता रामेश्वरानंद जी ने हनुमान चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऽमंगल मूरति मारुति नंदन, सकल अमंगल मूल निकंदनऽ भगवान राम मंगल के भवन हैं तो राम कथा मंगल करने वाली और राम के भक्त मंगल की मूर्ति हैं। इस दौरान सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने भी पहुंच कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर मालती, राधिका, रामदुलारी, कृष्णावती, चंद्रदेव शर्मा, हरीश सिंह, भगवती त्रिपाठी, मुसाफिर उपाध्याय, कपिलदेव उपाध्याय, अजय सिंह, रविन्द्र सिंह रहे।