उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के सदस्यों ने सोमवार को विकास भवन के समीप अपनी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में धरना दिया। आंदोलित लेखपाल सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया और जिला प्रशासन द्वारा प्रताड़ित करने पर आंदोलन तेज करने की धमकी दी। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आमरण अनशन करने का निर्णय लिया।
धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के वाराणसी मंडल के खंड मंत्री शमशेर यादव ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा उनके आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत जिला प्रशासन प्रशिक्षु लेखपालों को आंदोलन से हटने के लिए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। लेकिन लेखपाल अपनी मांगों पर अडिग है। जिला प्रशासन के आगे झुकने वाले नहीं है। राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी में शामिल लेखपाल आज शासन प्रशासन की उपेक्षा के चलते आंदोलन की राह पर है। इनकी समस्याओं पर प्रदेश सरकार ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि जिला प्रशासन के लोग भ्रम फैला रहे है कि लेखपाल आंदोलन छोड़कर वापस लौट रहे है। जबकि लेखपाल अब आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हो चुके है। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष सियाराम, रामकेश यादव, लोकेश द्विवेदी, विरेंद्र, सूर्य प्रकाश, मदन, अखिलेश, राजेश, गुलाब, भोला शंकर गौतम, मनिषा, शिवम, नम्रता, शशिकला, रितेश मौजूद रहे।