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भगवान जगन्नाथ का रथ पहुंचा उनके घर

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बीमारी से ठीक होने के बाद बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ क्षेत्र में भ्रमण पर निकले भगवान जगन्नाथ का रथ सोमवार को राम मंदिर पापड़िया मठ पहुंच गया। इसके साथ ही तीन दिवसीय रथयात्रा मेले का समापन हुआ। इसके पूर्व सुबह भगवान के रथ को खींचने के लिए भक्तों में होड़ रही।
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प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी तीन दिवसीय रथयात्रा मेले की शुरूआत चौदह जुुलाई को हुई थी। भक्तों ने राम मंदिर पापड़िया मठ से भगवान के रथ को जयकारे के बीच खींच कर जीटी रोड पुराना स्टेशन गेट पर पहुंचाया। यहां पूरी रात विश्राम करने के बाद भगवान का रथ खींच कर भक्तों ने रविवार को दामोदरदास पोखरा पहुंचाया। यहां भक्तों ने दर्शन पूजन किया और मेले का आनंद लिया। इस मौके पर कुश्ती दंगल का भी आयोजन किया गया। रात में भक्त परंपरा के तहत रथ खींच कर स्टेशन गेट के सामने मां काली मंदिर के समीप लाकर खड़ा किया। यहां भगवान की विशेष आरती पूजन किया गया और प्रसाद का वितरण किया गया। यहां पूरी रात भक्तों ने भजन कीर्तन कर भगवान को प्रसन्न करने का प्रयास किया। सोमवार की सुबह सात बजे भक्त एकत्र हुए और भोर की आरती के बाद भगवान के रथ को खींचना शुरू किया। जयकारे के बीच रथ को खींच कर भक्तों ने राम मंदिर पापड़िया मठ पहुंचाया। यहां रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, बड़े भाई बलभद्र, भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के विग्रहों को नीचे उतार कर मंदिर में स्थापित किया गया। यहां पूजन अर्चन के बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान पूरा इलाका जयकारे से गुंजायमान रहा।
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