फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन प्रधानाध्यापकों सहित चार के खिलाफ कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
चंदौली। परिषदीय विद्यालयों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही अध्यापकों की लापरवाही के मामले भी सामने आने लगे हैं। बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने एमडीएम में गड़बड़ी और बगैर प्रार्थनापत्र अनुपस्थित रहने की शिकायत पर बुधवार को नियामताबाद विकास खंड के तीन प्रधानाध्यापकों सहित चार शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई परियोजना निदेशक की जांच आख्या प्राप्त होने के बाद की गई।
विज्ञापन

पीडी ऋषिमुनि उपाध्याय ने नियामताबाद ब्लाक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय छित्तमपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अध्यापिका बबिता अनुपस्थित मिलीं। इसके बाद पीडी ने बारी-बारी से खजूरगांव और हृदयपुर के प्राथमिक विद्यालयों और पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरना का निरीक्षण किया। यहां एमडीएम में व्यापक गड़बड़ी देखने को मिली। तीनों की विद्यालयों पर मानक और मीनू के अनुसार भोजन नहीं बना था। विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरना में चूल्हे पर लकड़ी से खाना बनाया जा रहा था। यह देखकर पीडी काफी नाराज हुए उन्होंने प्रधानाध्यापकों को व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कड़ी चेतावनी दी और कार्रवाई के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच आख्या प्रस्तुत की। बीएसए ने छित्तमपुर की शिक्षिका सहित खजूरगांव के प्रधानाध्यापक जितेंद्र बहादुर सिंह, हृदयपुर के श्रीहरि नारायण और धरना के प्रधानाध्यापक रामअवध का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश जारी किया। बीसएसए ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता में सुधार नीति आयोग की प्राथमिकता में शामिल है। लापरवाही पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें