शुक्रवार को सुबह दिल्ली विश्वविद्यालय के लगभग 1100 छात्र-छात्राओं को
लेकर नई दिल्ली से गुवाहाटी तक क्षैक्षिक भ्रमण के लिए जा रही ज्ञानोदय
एक्सप्रेस के पैंट्री कार में लगी पाइप से गैस का रिसाव होने लगा।
तब
कर्मचारियों ने गैस सिलेंडर का कनेक्शन काटकर अलग कर दिया। इसके चलते भोजन
नहीं बन सका और छात्र-छात्राएं भूखे ही रहे। ट्रेन के इलाहाबाद स्टेशन पर
पहुंचते ही पैंट्री कार में रखे सिलेंडर को भी उतार लिया गया और
छात्र-छात्राओं के खाने की व्यवस्था के लिए मुगलसराय मंडल को सूचित कर दिया
गया।
शुक्रवार की शाम लगभग सवा चार बजे ट्रेन के मुगलसराय पहुंचते ही
खान-पान विभाग ने बिस्कुट और नमकीन के पैकेट वितरित किए। इस दौरान गैस पाइप
की मरम्मत के लिए स्थानीय रेल मंडल और आईओसी के अधिकारी भी मौके पर
पहुंचे। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद भी पाइप का लीकेज बंद नहीं किया जा
सका। हालांकि मुगलसराय से पैंट्री कार को 12 गैस सिलेंडर दिए गए लेकिन पाइप
ठीक न होने के कारण उन्हें जोड़ा नहीं जा सका। इसके बाद स्थानीय
अधिकारियों ने ट्रेन को यह कहते हुए रवाना करा दिया कि पटना रेलवे स्टेशन
पर पैंट्री कार को बदल दिया जायेगा।
इस संबंध में वरीय मंडल प्रबंधक आशीष
कुमार झा ने बताया कि पैंट्री कार में गैस लीकेज के कारण 11 सौ बच्चों को
भोजन नहीं मिल सका। पर गाड़ी के यहां पहुंचते ही सबके नाश्ते की व्यवस्था
की गई।
पैंट्री कार मैनेजर राजेश मलिक ने बताया कि ट्रेन के दिल्ली से
खुलने के बाद ही गैस पाइप में दिक्कत आ गई थी। इसके कारण खाना नहीं बन
सका।