राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को सदर तहसील सभागार में हुआ।
शुभारंभ जनपद न्यायाधीश रविन्द्र सिंह ने दीप जला कर किया। वहीं विभिन्न न्यायालयों में सुलह-समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान सभी न्यायालयों में कुल 10887 वाद निस्तारित किए गए।
इसमें 1831 लघु आपराधिक मुकदमें भी शामिल हैं। वहीं पांच लाख 88 हजार 935 रुपये अर्थदंड वसूला गया। जबिक 79 लाख 58 हजार 633 रुपये उत्तराधिकार प्रमाण पत्र दिलाया गया। जिला जज ने कुल 5 इजराय वादों का निस्तारण कर 2,72,000 रुपये की समझौता राशि दिलाई। वहीं एक प्रक्रीर्ण वाद का भी निस्तारण किया।
अपर जिला न्यायाधीश एवं प्रभारी प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पारितोष श्रेष्ठ ने 45 वादों का निस्तारण किया। वहीं 15,60,000 रुपये समझौता राशि दिलाया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अशोक कुमार सिंह यादव ने 13 एमएसीटी वादों का निस्तारण कर 67,15,000 रुपये का प्रतिकर दिलाया। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने 2 इजराय वाद निस्तारण किया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनुराग शर्मा ने एक वाद निस्तारित कर 100 रुपये का जुर्माना वसूल किया।
अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम परितोष श्रेष्ठ ने 171 विद्युत वादों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौली इशरत परवीन फारूकी ने 3,260 वादों का निस्तारण कर 3,18,200 रुपये जुर्माना वसूले। सिविल जज सीनियर डिवीजन निकिता गौड़ ने 202 सिविल वादों का निस्तारण किया।
इसमें 9 वादों में 79,58,633 उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे अरूण कुमार गुप्ता ने 1705 वादों का निस्तारण कर 2,04,215 रुपया जुर्माना वसूल किया।
सिविल जज जूनियर डिवीजन इन्दु रानी ने 68 वादों का निस्तारण कर 5160 रुपये जुर्माना वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन चकिया कुंवर जितेन्द्र प्रताप सिंह ने 517 वादों का निस्तारण कर 5000 रुपये जुर्माना वसूले।
न्यायिक मजिस्ट्रेट माधुरी यादव ने 1337 वादों का निस्तारण कर 36,500 रुपये जुर्माना वसूले। अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन चकिया यज्ञेश कुमार सोनकर ने 505 वादों का निस्तारण कर 19,100 रुपये जुर्माना वसूले।