चकिया के तिलौरी प्राथमिक विद्यालय परिसर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में टीनशेड के नीचे पढ़ते बच्चे।
पीडीडीयू नगर। नौनिहालों के स्वास्थ्य, पोषण और शुरुआती शिक्षा का दावा करने वाले आंगनबाड़ी केंद्र उपेक्षा के शिकार हैं। ज्यादातर केंद्रों के पास अपने भवन तक नहीं हैं। मंगलवार को हमारी टीम ने पड़ताल किया तो आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली की तस्वीर सामने आई।
कहीं, गर्मी और बारिश में पेड़ के नीचे मासूमों को बैठाया जा रहा है, तो कहीं जर्जर टिनशेड और ग्राम प्रधान के कार्यालय में इनका भविष्य गढ़ा जा रहा है। प्राथमिक विद्यालयों परिसर में जो आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं, वहां बिजली-पंखा, और ब्लैक बोर्ड तक नहीं है। यही वजह है कि 20 प्रतिशत बच्चे भी नियमित रूप से केंद्रों में नहीं पहुंच रहे।
कोट-
जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपने भवन नहीं हैं, वहां ग्राम पंचायतों से जमीन मांगी गई है। जमीन उपलब्ध होते ही नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल 72 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। - राज कपूर, डीपीओ, चंदौली।
चकिया के तिलौरी प्राथमिक विद्यालय परिसर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में टीनशेड के नीचे पढ़ते बच्चे।