सकलडीहा। बिसुंधरी गांव के वनवासी बस्ती डायरिया की चपेट में आ गया है। डायरिया की चपेट में आकर चार दिनों में चार बच्चों की मौत हो चुकी है। इसकी जानकारी मिलने पर मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और 10 बीमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है। टीम के सदस्यों ने गांव में दवाइयां बांटी और खान पान में परहेज का निर्देश दिया। सीएमओ डा. पीके मिश्र ने बताया कि जानकारी होते ही टीम गांव में पहुंचकर उपचार शुरू कर दी है। पीड़ितों का उपचार सकलडीहा सीएससी पर किया जा रहा है।
ग्रामीणों की मानें तो गांव में 17 दिनों से डायरिया पसरा है। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई लेकिन कोई नहीं पहुंचा। मजबूरी में ग्रामीणों ने बीमार लोगों का इलाज निजी चिकित्सकों कराया। इस बीच डायरिया की वजह से चार दिनों के भीतर नीमू (02 वर्ष),लकड़ी (09) किशन (06) व मटरू (75) की मौत हो चुकी है। मंगलवार को गांव के लोगों ने जिला चिकित्साधिकारी को फोन पर इसकी सूचना दी। इसके बाद हरकत में आए सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. आरबी शरण को तत्काल स्वास्थ टीम के साथ मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 108 नंबर की एंबुलेंस से बीमार केसारी (6), सहदेव (50), सोनू (10), डमरू (5), श्वेता (12), मिंता (25), मीनवा (2) व नरंजीत (1 वर्ष), ज्योति (2 वर्ष) और राम दुलारी (45) को अस्पताल में भर्ती कराया। गांव पहुंचे एडिशनल सीएमओ डा. डीएन मिश्रा ने बस्ती में दवा वितरण कराया और लोगों को साफ पानी पीने व गंदगी से दूर रहने की सलाह दी। अस्पताल वापस लौटकर स्वास्थकर्मियों को जमकर फटकार लगाया अक् निर्देश दिया कि अगर किसी प्रकार की इलाज में लापरवाही दिखी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अंध विश्वास के चक्कर में पड़े रहे बस्ती के लोग
ग्रामीणों का कहना था कि मटरू बनवासी 65 वर्ष की मौत बाद नीमू और किशन की मौत से ग्रामीण परेशान हो गए। बनवासी बस्ती के लोग अंध विश्वास में आकर हवन पूजन की तैयारी में जुटे थे। लेकिन सुबह आठ वर्षीय लकड़ी की मौत के बाद कोहराम मच गया।
बस्ती में एक हैंडपंप व कुंआ का पानी पीते थे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है था कि गांव के दो हैंडपंप में एक हैंडपंप खराब था। एक हैंडपंप और एक कुंआ की पानी पीते थे। लेकिन कभी भी स्वच्छता अभियान के नाम पर कुंआ में स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लीचिंग पाउडर नही डाला गया।
संक्रामक बीमारी की जड़ खराब चावल तो नहीं
ग्रामीणों का कहना था कि बनवासी बस्ती के लोग रोपनी कर के आते थे। तो चावल ही खाते थे। अधिक होने पर घर के बाहर फेंक देते थे। इसके कारण काफी बदबू दे रहा था।
गांव के पानी से लेकर रहन- सहन और खान पान का निरीक्षण किया गया। पानी और खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिये लखनऊ भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
डा. नीलम ओझा
संक्रामक रोग जिला प्रभारी
चंदौली
इनसेट-
एएनएम निलंबित
सकलडीहा। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी गांव में सफाई की व्यवस्था न करने, दवा वितरण न करने और इसकी सूचना विभाग को न देने पर मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डा. डीएन मिश्र ने गांव की एएनएम गुड़यिा देवी को निलंबित कर दिया वहीं आशा कर्मी को हटा दिया है।