सत्यापन किए बगैर निजी नर्सिंग होमों को एक करोड़ 42 लाख रुपये का भुगतान
करने पर आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के एक कर्मचारी को जिलाधिकारी ने पुलिस के
हवाले कर दिया।
बुधवार को जिला चिकित्सालय सभागार में स्वास्थ्य
समिति की बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा में डीएम नेे
खामी पाने पर यह कदम उठाया। हालांकि बीमा कंपनी के उच्चाधिकारियों से
बातचीत के बाद कर्मचारी को छोड़ दिया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी
को जानकारी मिली कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमा कंपनी
द्वारा निजी नर्सिंग होमों को लाखों रुपये का भुगतान किया गया है।
लेकिन
राजकीय चिकित्सालयों में एक रुपये का भी भुगतान नहीं हुआ है, जबकि कंपनी को
तीन करोड़ 18 लाख 14 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड
द्वारा 2700 लोगों का सत्यापन भी नहीं किया गया है। उन्होंने कंपनी को कारण
बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
डीएम
ने टीकाकरण, परिवार कल्याण, राष्ट्रीय अंधता निवारण, जन्म-मृत्यु दर और
आयुर्वेद के कार्यों की भी समीक्षा की। कहा कि एक से पांच अगस्त तक वाल
पेंटिंग और पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रचार किया जाए।
निर्देश दिया कि 88487 बीपीएल कार्ड धारकों के स्मार्ट कार्ड की सीडी बनाकर
पांच अगस्त तक प्रस्तुत करें
डीएम ने चहनियां, नौगढ़, बरहनी और
नियामताबाद में टीकाकरण कार्यक्रम में खराब प्रदर्शन पर नाराजगी व्यक्त की।
कहा कि कार्य नहीं करने वाले सुपरवाइजरों को तत्काल हटा दें।
लापरवाही
नहीं होनी चाहिए।जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को चावल,
दाल, रोटी, सब्जी और नाश्ते में दूध और चाय प्रत्येक दशा में देने का
निर्देश दिया। इस अवसर पर सीएमओ डा. आरएन सिंह, सीएमएस डा. एनके सिंह, जीसी
द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।