यूपीएसआईसी के पूर्व निदेशक और सीनियर पीसीएस अधिकारी अभय कुमार वाजपेयी समेत पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा चलेगा।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने आरोपियों को प्रथम दृष्टया घोटाले का आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
एनआरएचएम घोटाले में फंसे अभय कुमार वाजपेयी, पूर्व डीजी हेल्थ एसपी राम, संजीव कुमार और मुरादाबाद के दवा कारोबारी विवेक जैन को कड़ी सुरक्षा के बीच डासना जेल से सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में पेश किया गया।
जमानत पर चल रहा पांचवां आरोपी सौरभ जैन भी कोर्ट में पेश हुआ। न्यायाधीश एस. लाल ने आरोपियों की आरोपों से उन्मोचित किए जाने की अर्जी को 23 अप्रैल को ही निरस्त कर दिया था।
न्यायाधीश एस. लाल ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मुकदमा चलाने के लिए प्रर्याप्त साक्ष्य हैं। ऐसे इन सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा-409, 420, 468, 471 और 120बी, 13 (2) सहपठित धारा 13 (1)(डी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामला पाया जाता है।
शुक्रवार को कोर्ट ने सभी आरोपियों को तलब किया है। शुक्रवार से इस मामले में गवाहों के बयान दर्ज किए जाने की कार्यवाही शुरू हो जाएगी। सीबीआई पहले दिन दो गवाहों के बयान दर्ज करा सकती है।
तीन मामलों में फंसे कई डॉक्टर कोर्ट में पेश
एनआरएचएम घोटाले से संबंधित तीन मामलों में फंसे कई डॉक्टर बृहस्पतिवार को सीबीआई कोर्ट में पेश हुए। इनमें से कई को डासना जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया। जबकि जमानत पर चल रहे कई आरोपी खुद ही कोर्ट पहुंचे। न्यायाधीश ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 मई की तारीख निर्धारित की है।