संस्कृति यूनिवर्सिटी की पुनरुद्धार विद्यालय, Rehabilitation School ने जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में दिव्यांग छात्रों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों को हैरान कर दिया। दिव्यांग छात्रों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की धुन पर न केवल शानदार नृत्य पेश किया बल्कि एक बेहद खूबसूरत गुलदस्ता भी तैयार किया, जो कि कैंपस में लगे पेड़ों के फूलों से बनाया गया।
छात्रों ने कैंपस के बेहद खूबसरत ग्रीन पार्क में ग्रुप डांस भी प्रस्तुत किया, जो कि श्रीकृष्ण के लिए बनाए गीतों की धुनों पर था। इसके बाद सभी छात्रों ने मिलकर दही-हांडी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। 15 छात्रों के ग्रुप ने दूसरे प्रयास में हांडी फोड़ने में सफलता पाई और प्रतियोगिता जीती। छात्रों ने कार्यक्रम में न केवल भारतीय संस्कृति की विरासत के रंग भरे, बल्कि इसमें शानदार रचनात्मकता, टीम स्पिरिट, लीडरशिप और बेहद अच्छी प्लानिंग भी दिखी।
krishna janmashtami celebration पर आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सचिन गुप्ता भी मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी की ओर से कराई गई इस प्रकार के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना इन छात्रों के लिए बेहद अहम है। इससे छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ेगा।
ओएसडी मीनाक्षी शर्मा ने कार्यक्रमों में छात्रों की प्रस्तुति देखकर खुशी का इजहार किया। उन्होंने संस्कृति यूनिवर्सिटी के पुनरुद्धार विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ को बधाई दी, जिन्होंने छात्रों को इतने अच्छे तरीके से तैयार किया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने जन्माष्टमी के मौके पर जिस प्रकार से एक के बाद एक कार्यक्रम प्रस्तुत किए वह काबिल ए तारीफ है।
Sanskriti University के कुलपति डॉक्टर राणा सिंह ने कहा कि जन्माष्टमी हम सभी के लिए एक मौका है, जिसके जरिए हम श्रीकृष्ण की दी हुई सीख को फैला सकते हैं। जन्माष्टमी का त्योहार हमें सिखाता है कि बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के बीच प्यार बांटा जाना चाहिए।
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