संस्कृति यूनिवर्सिटी में न केवल पारंपरिक शिक्षा बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण पर भी बल दिया जाता है। इसी दिशा में यूनिवर्सिटी की ओर एक कदम बढ़ाया गया और व्यक्तित्व विकास पर सेमिनार का आयोजन कराया गया। इस मौके पर यूनिवर्सिटी में देश के 22 राज्यों से पढ़ने आए नए छात्रों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम रखा गया।
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि युवाओं के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि वे आत्मनिर्भर बनें, लेकिन इसके साथ ही उनके व्यक्तित्व का विकास इस प्रकार से होना चाहिए, जिससे वे बाहरी दुनिया और आज के बाजार की चुनौतियों के दबाव को सहन कर सकें। संस्कृति यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर राजेश गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि आज के आधुनिक युग में छात्रों को अकादमिक शिक्षा के अलावा व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देना चाहिए, जिससे कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता के लिए तैयार हो सकें।
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पीसी छाबड़ा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व विकास के बल पर छात्र न केवल करियर बल्कि निजी जीवन में भी आगे बढ़ने
के योग्य बन सकते हैं। संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर राणा सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में छात्रों को व्यक्तित्व
विकास पर फोकस करना चाहिए जिससे कि वे सक्षम बन सकें और आत्मविश्वास से रहें।
सेमिनार में इंजीनियरिंग, बिजनेस, polytechnic course, agriculture course और अन्य विभागों के छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्रों की स्पेशल ट्रेनर काश्वी काहोल ने व्यक्तित्व विकास की बारीकियों के बारे में विस्तार से समझाया। सेमिनार में ट्रेनिंग सेशन के दौरान म्यूजिक, गेम्स और वीडियो भी पेश किए, जिन्हें छात्रों द्वारा को खूब पसंद किया। कश्वी काहोल ने कहा कि पर्सनैलिटी डिवेलपमेंट की मदद से छात्र नेशनल और ग्लोबल दोनों प्रकार के चैलेंज से पार पा सकते हैं।
संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र आज बड़ी-बड़ी कंपनियों में शानदार पैकेज पर जॉब कर रहे हैं। campus placements में जब किसी कंपनी का अधिकारी संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों से रू-ब-रू होता है तो वह उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता है। यही कारण है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी न केवल शिक्षा प्रदान कर रही है बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर भी काफी जोर दे रही है।
-Advertorial