निजी कंपनियों के हाथों में जाएगी जिपं की 10 हजार वर्ग मीटर जमीन
बुलंदशहर। जिला पंचायत की जमीन को अब शासन द्वारा निजी कंपनियों के हाथों में सौंपने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए शासन की ओर से जमीन का सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही जिला पंचायत की करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन को निजी कंपनियों को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद निजी कंपनियां ही इस जमीन पर निर्माण समेत अन्य कार्य करेंगी।
शहरी क्षेत्र में अंसारी रोड पर सेंट्रल बैंक और डिबाई, अनूपशहर, नरौरा, जहांगीराबाद समेत अन्य क्षेत्रों में जिला पंचायत की 10 हजार वर्ग मीटर जमीन है। इस जमीन को अब निजी कंपनियों को 99 साल की लीज पर देने की तैयारी की जा रही है। सरकार की ओर से जमीन लीज पर देने के लिए तीन मॉडल बनाए गए हैं, ताकि इस जमीन पर यदि सरकारी कार्य करना है तो उसे आसानी से किया जा सके। सरकार की ओर से जिले में जिला पंचायत की जमीन का भी सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। सर्वे की रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद चयनित की गई 11 कंपनियों को जमीन पट्टे पर दी जाएगी।
जमीन का सर्वे करने का मिला निर्देश : डॉ. अंतुल
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया ने बताया कि शासन की ओर से शहर के आसपास स्थित जिला पंचायत की जमीन का सर्वे करने के निर्देश मिले थे। साथ ही यह भी सर्वे किया जा रहा है कि उक्त जमीन पर ऐसा क्या कारोबार हो सकता है, जिससे आसपास के लोगों को सीधा फायदा मिल सके। हालांकि डॉ. अंतुल ने जमीन को लीज पर देने की योजना के बारे में जानकारी से इनकार किया।
इन कंपनियों को किया गया चिन्ह्ति
सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड, केपीएमजी एडवाइजरी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, फीडबैक इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, एनॉरक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, कशमैन एंड वेकफील्ड, जेएलएल प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, डिलाइट टच इंडिया, प्राइस वाटर हाउस कूपर्स प्राइवेट लिमिटेड, द बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप आदि।
तीन मॉडल पर कंपनियों को दी जाएगी जमीन
जिला पंचायत की जमीन लीज पर देने के लिए सरकार की ओर से तीन मॉडल बनाए गए हैं। लैंड लीज मॉडल के तहत कंपनी को 99 साल की लीज पर जमीन दी जाएगी। जबकि आम सहमति मॉडल में सरकारी विभाग और निजी कंपनी मिलकर कार्य करेंगे और ज्वाइंट वेंचर मॉडल के तहत जमीन को कंपनी को देने के साथ ही सरकारी और व्यावसायिक दोनों गतिविधियों को चालू रखने की प्रक्रिया की जाएगी।
शासन की ओर से जमीन का सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। सर्वे के बाद जमीन का तीन मॉडल पर अनुबंध किया जाएगा। इसके लिए कंपनियों का चयन कर लिया गया है। - विद्याशंकर पांडेय, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत