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Bulandshahar News: युवक और मासूम बच्चे पर कुत्ते और बच्ची पर बंदरों ने किया हमला

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बुलंदशहर। शहर में कुत्तों और बंदरों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शांतिनिकेतन मोहल्ले में घर से टॉफी लेने दुकान गए मासूम बच्चे पर कुत्ते ने हमलाकर घायल कर दिया। वहीं, पुरानी जेल परिसर में घर के अंदर खेल रही बच्ची पर बंदर ने हमला कर दिया। शास्त्रीनगर में भी 42 वर्षीय ब्रजेश को कुत्ते ने हमलाकर जख्मी कर दिया। जिला अस्पताल में शुक्रवार को 60 लोगों ने कुत्ता, बिल्ली और बंदर काटने की वजह से एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाई है।
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शांति निकेतन निवासी दीपक ने बताया कि उनका चार वर्षीय बेटा तनिष्क घर से टॉफी लेने के लिए गया था। तभी एक कुत्ते ने पीछे से हमला कर उसे जमीन पर गिरा दिया। शोर मचाने पर पहुंचे लोगों ने किसी तरह उसे बचाया। इसके बाद जिला अस्पताल ले जाकर उन्होंने बच्चे को एआरवी लगवाई। वहीं, नगर पालिका से चंद कदमों की दूरी पर पुरानी जेल परिसर में रहने वाले आकाश की तीन वर्षीय बेटी माहिरा घर के अंदर खेल रही थी। तभी बंदरों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। आकाश ने बताया कि बच्ची के शोर मचाने पर परिजनों ने बंदरों को भगाया। उनका कहना है कि मोहल्ले में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने भी बच्ची को एआरवी लगवा दी है।
शास्त्रीनगर निवासी ब्रजेश पर घर के बाहर शुक्रवार को कुत्तों ने हमला कर दिया। ब्रजेश ने बताया कि वह फोन पर बात कर रहे थे। तभी गली में रहने वाले एक कुत्ते ने हमला कर दिया। उनके दोनों पैर जख्मी हो गए। जिला अस्पताल में एआरवी लगाने के बाद ब्रजेश को दिल्ली रेफर कर दिया गया।
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शुक्रवार को 60 लोगों ने लगवाई एआरवी

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि प्रतिदिन एआरवी लगवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को 60 लोग पहली बार एआरवी लगवाने पहुंचे। फार्मासिस्ट अरुण यादव ने बताया कि बिल्ली हमले के चार, बंदर हमले के 46 व शेष कुत्ते हमले के लोग शामिल रहे। जिसका जख्म अधिक गहरा दिखा, उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। अधिकांश लोग शहरी क्षेत्र थे।

नहीं पकड़े जा रहे बंदर, कुत्तों की नसबंदी में भी लापरवाही
नगर पालिका क्षेत्र से बंदर पकड़ने और कुत्तों की नसबंदी में लापरवाही की जा रही है। इसके लिए छह माह पहले हुई बोर्ड बैठक में अनुमति मिल गई थी। इसके बाद भी न तो शहर से बंदरों का आतंक कम हुआ और न ही कुत्तों की नसबंदी के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए। पालिका से जुड़े ठेकेदारों का कहना है कि दो हजार से अधिक बंदरों को पकड़कर उत्तराखंड के पास स्थित जंगल में छुड़वाया गया है। नगर पालिका के ईओ डा. अश्विनी कुमार सिंह का कहना है कि कुत्तों की नसबंदी की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक 30 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। बंदर पकड़ने का अभियान मेरे कार्यकाल से पहले चलाया गया था। जल्द ही फिर से बंदर पकड़वाए जाएंगे।
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