जिला कारागार से बाहर निकलने के बाद अपने अधिवक्ता से गले मिलता योगेश राज। संवाद
बुलंदशहर। तीन दिसंबर 2018 को हुई स्याना हिंसा मामले में एक अगस्त को सात साल की सजा पाने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य योगेश राज शनिवार देर शाम जमानत पर जेल से रिहा हो गया। जेल के बाहर उनके अधिवक्ता ब्रूनो भूषण और समर्थक उन्हें लेने के लिए पहुंचे।
स्याना हिंसा प्रकरण में गत एक अगस्त को एडीजे 12 गोपाल जी के न्यायालय ने सभी 38 दोषियों को सजा सुनाई थी। जिसमें पांच दोषियों प्रशांत नट, जॉनी, राहुल, लोकेंद्र व डेविड को इंस्पेक्टर की हत्या मामले में आजीवन कारावास व तत्कालीन बजरंग दल के जिला संयोजक रहे योगेश राज समेत 33 को सात-सात वर्ष का कारावास समेत अर्थदंड सुनाया गया था।
सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जिला कारागार भेज दिया गया था। जिसके बाद कुछ दोषियों ने जमानत के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष गुहार लगाई थी। जिला पंचायत सदस्य योगेश राज भी इन्हीं दोषियों में शामिल था।
योगेश के अधिवक्ता ब्रूनो भूषण ने बताया कि उच्च न्यायालय से योगेश की जमानत गत 26 अगस्त को ही मंजूर कर ली गई। योगेश जेल में अब तक इस प्रकरण में चार वर्ष दो माह से अधिक का समय बिता चुका है। उच्च न्यायालय ने उसे 50 हजार रुपये के मुचलका समेत इसी धनराशि के दो जमानतदारों के संतुष्टि पर छोड़ने का आदेश दिया था। शनिवार देर शाम जमानती भरे जाने के बाद उनका परवाना जिला कारागार पहुंचा और देर शाम करीब 8.30 बजे वह जिला कारागार से बाहर आया। जहां समर्थकों ने उनका स्वागत किया।